महिलाओं में प्रजनन की क्षमता का सबसे स्पष्ट संकेत उम्र से मिलता है : डॉक्टर जयश्री भट्टाचार्य अनुप नारायण सिंह । पटना : 20 मार्च, 2020। कम ओवेरियन रिजर्व का मतलब यह नहीं कि महिलाएं प्राकृतिक रूप से गर्भधारण नहीं कर सकतीं।
महिलाओं में प्रजनन की क्षमता का सबसे स्पष्ट संकेत उम्र से मिलता है। इसलिए सामान्य या उच्च ओवेरियन रिजर्व दिखाने वाले टेस्ट के आधार पर गर्भधारण में होने वाले विलंब का निर्णय नहीं लिया जा सकता। उक्त बातें शुक्रवार को प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए डॉक्टर जयश्री भट्टाचार्य, एमआरसीओजी, एएचआईआईआरसी, पटना ने कहीं।डॉक्टर जयश्री भट्टाचार्य ने कहा, महिलाओं की उम्र बढ़ने के साथ उनमें मौजूद एग्स की संख्या घटना स्वाभाविक है। यह आॅव्युलेषन एवं प्राकृतिक रूप से सैल की मृत्यु की प्रक्रिया के कारण होता है, जिसे एपोप्टोसिस कहते हैं। लेकिन यदि एग की संख्या में कमी सामान्य गति के मुकाबले ज्यादा तेज दर से होती है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। स्वाभाविक रूप से यह 35 से 37 वर्ष की अवस्था के बीच होता है, लेकिन इससे युवा महिलाएं भी प्रभावित होने लगी हैं।सामाजिक, व्यक्तिगत, शैक्षिक एवं आर्थिक जरूरतों के कारण महिलाओं को अक्सर प्रिग्नेंसी को तीस वर्ष के उत्तरार्ध तक लंबित करना पड़ता है, जिस वजह से प्रजनन शक्ति का दर घट जाता है एवं गर्भपात होने का जोखिम बढ़ जाता है। 30 वर्ष की आयु के बाद मानव एग्स की गुणवत्ता व मात्रा में काफी कमी आ जाती है, जो 35 साल के बाद और ज्यादा कम हो जाती है। यह एक आम समस्या बन गई है, जिसके चलते सोषल एग फ्रीजिंग उम्र के कारण प्रजनन शक्ति में होने वाली कमी का एक समाधान बनकर उभरा है।खराब ओवेरियन रिजर्व वाली महिलाओं में गर्भधारण के दो विकल्प हैं। पहला है प्राकृतिक रूप से गर्भ धारण करना और यहद 6 महीने या उससे ज्यादा समय तक कोषिष करने के बाद भी आप गर्भ धारण नहीं कर पाते हैं, तो अगला विकल्प है, इन्फर्टिलिटी का इलाज करवाना। एक अच्छा क्लिनिक ओवेरियन रिजर्व एवं स्पर्म की सेहत का आंकलन करता है और उसके अनुरूप सर्वश्रेष्ठ इलाज का परामर्ष देता है।उन्होंने बताया की एक दूसरा विकल्प एग डोनेषन है, जो ज्यादा उम्र की महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद है। इसके लिए यह सुनिष्चित किया जाना चाहिए कि एग देने वाली महिला स्वस्थ व युवा हो तथा अनुवांषिक एवं अन्य समस्याओं के लिए उसकी पूरी जाँच कर ली गई हो। इसलिए जैसे ही कम ओवेरियन रिजर्व का पता चले, वैसे ही प्रभावशाली इलाजष्षुरू किया जा सकता है, जिससे मरीज के एग की क्वालिटी एवं मात्रा में सुधार की बेहतर संभावना होगी और गर्भधारण की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।