दैनिक खोज खबर के लिए फुलौत,मधेपुरा से अनिल मोदी की रिपोर्ट
स्वच्छता का संदेश महज जागरूक रैली, अभियानों तक सिमट कर रह गया है। प्रशासन और प्रतिनिधि समय-समय पर स्वच्छता को लेकर अभियान चलाता है, लेकिन यह नियमित रूप से होने से स्वच्छता का संदेश देने तक ही अभियान रह जाते हैं। सफाई व्यवस्था बाजार में बेहतर होने के कारण जगह-जगह पर गंदगी के अंबार लगने लगे हैं। मस्जिद के पास, दुर्गा स्थान के पास व कन्या विद्यालय के पास कूड़े के ढेरों से राहगीरों के साथ-साथ यहां रहने वाले लोगों व स्कुलों में पढ़ने वाले बच्चे को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इन सभी जगहों के साथ और भी कई जगहों पर कूड़े के अंबार लगे रहते हैं। बार-बार ख़बर लिखने के बाद भी इन जगहों का साफ़ सफ़ाई नही होता। यहां पर कूड़ा-कर्कट में पॉलीथिन होने से ये तेज हवा चलने पर घरों और दूकानों में उड़कर चले जाते हैं व काफ़ी दुर्गंध भी करता है । नियमित रूप से सफाई होने के साथ यहां पर कूड़ा-कर्कट भी उठना चाहिए। वहीं लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था बेहतर हो, इसके लिए बाजारों में कूड़ेदान की होना बहुत जरूरी है l बाजारों में कूड़ेदान का नही होने से कचड़ा रोड पर जामा रहता है l बाजारों में कूड़ेदान लगाया जाना चाहिये ताकि स्वच्छता का संदेश देने वाले अभियानों के बाद स्वच्छता नजर भी आए। ऐसा नहीं है कि यह कोई नई समस्या है, बल्कि कई सालों से यह समस्या निरंतर चली आ रही है। कभी कभी कूड़ा-कर्कट उठा दिया जाता है, लेकिन कुछ दिनों के बाद फिर से यह समस्या होने लग जाती है। विभाग को चाहिए कि नियमित रूप से सफाई को लेकर पुख्ता प्रबंध करे ताकि बाजार में सफाई नजर आए। इस बाजार में स्वच्छता अभियान का सेल्फी बराबर देखा जाता है।
सफ़ाई उस के हिसाब से बहुत कम हैं। जितने सफाई अभियान में जुड़े हैं उनसे बेहतर सफाई व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जाता है। लोग भी सफाई में सहयोग दें। कूड़ा-कर्कट को गाँव के बाहर खुले में डालें और विभाग को चाहिए कि बाजार में कूड़ेदान लगायें जिससे की दुकानदार लोग कूड़े को सड़कों पर जामा करने के बजाय कूड़ेदान में डाले l




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