दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट :-
बलात्कार एवं छेड़छाड़ के विरुद्ध बच्चियों एवं किशोरियों को सशक्त बनाने एव॔ शोषण के विरूद्ध आवाज उठाने हेतु प्रेरित करने के लिए संत आग्नेस बालिका विद्यालय चुहड़ी और संत तरेसा बालिका विद्यालय बेतिया में छात्राओं के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। मेरी एडलीन ने बताया कि छोटी- छोटी बच्चियों, किशोरियों के साथ अक्सर छेड़छाड़, बलात्कार, दुष्कर्म की घटनाएं घट रही है। छोटी- छोटी कम उम्र की मासूम बच्चियां जिन्हें ठीक से अपने ही शरीर के अंगों की जानकारी नहीं है, जिन्हें सही-गलत की भी जानकारी नहीं है। उनके साथ दुष्कर्म की घटना घट रही है उन्हें मौत के घट उतार दिया जा रहा है। इसलिए बच्चियों को खुद की सुरक्षा के लिए सजग बनाना और शोषण के विरुद्ध आवाज़ उठाने हेतु को जागरूक करना, प्रेरित करना बहुत जरूरी है। एक पहल आइये बच्चियों को बनाये सबल, मुहिम के तहत दोनों विद्यालय की छात्राओं को गुड टच बैड टच, आत्मसुरक्षा के उपाय विस्तार से समझाया गया। बालिकाओं को तरह- तरह के उदाहरण देते हुए मेरी एडलीन ने समझाया कि किसी भी बच्ची या औरत के शरीर के प्राइवेट अंग को छूने का अधिकार किसी भी पुरुष को नहीं है, चाहे वह पुरुष अपना सगा भाई, पिता या रिश्तेदार ही क्यों न हो। अगर कोई भी पुरुष गलत इरादे से किसी भी बच्ची के प्राइवेट अंग को छूता है तो वह बैड टच है। इसके लिए बच्चियों को स्वयं सजग रहना है और अगर कोई पुरुष उसके साथ गलत हरकत करता है, गलत तरीके से उसे छूता है तो तुरंत उसका विरोध करे उसके खिलाफ आवाज उठाये। ऐसे समय में बिल्कुल चुप नहीं रहना है और न ही इस तरह की हरकतों को बर्दाश्त करना है। आप सभी बच्चियां तुरंत ही अपने मम्मी पापा, अपने अभिभावक, शिक्षिका या जिस पर उन्हें बहुत भरोसा है उन्हें जाकर बताये कि उसके साथ क्या हुआ है, उसे कोई परेशान कर रहा है तो उसकी जानकारी सबको जरूर दें। मेरी एडलीन ने बच्चियों को बलात्कारियों या बदमाश लोगों से बचने के लिए टिप्स देते हुए समझाया कि अगर कभी भी उसके साथ या किसी और लड़की, बच्ची के साथ कोई लड़का, पुरुष गलत करने की कोशिश करता है तो वह सबसे पहले उसका विरोध करें, शोर मचाएं, चीखें चिल्लाए और लोगों को इकट्ठा करें। फिर लोगों को जानकारी दे कि उसके साथ गलत किया जा रहा था। बच्चियां, लड़कियां कोशिश करे कि वे अकेले में सुनसान स्थानों में न घूमे। किसी भी पुरुष के गलत बहकावे में न आये और किसी पराये पुरुष से सुनसान, अनजान जगह पर न मिले। सफर करते समय हमेशा सावधान रहें और किसी भी अजनबी व्यक्ति के दिये गए किसी भी चीज को कभी भी न खाए। सफर के दौरान अगर पास में बैठे किसी भी पुरुष के द्वारा अगर गलत हरकत किया जा रहा हो तो डटकर उसका विरोध करें और वहां उपस्थित लोगों को बताए। इन सब बातों को अपनाने, सीखने के लिए सबसे पहले अपना झिझक तोड़े, शर्म हटाये। ये न सोचें अगर हम अपने साथ हो रहे गलत हरकतों आदि के बारे में किसी को बताएगे तो लोग क्या कहेंगे? इन सब सोच को त्यागकर आगे बढ़े और आवाज उठाये। वरना गलत करने वाले व्यक्ति का मनोबल बढ़ते जाएगा। संत तरेसा और संत आग्नेस स्कूल की छात्राओं ने दुष्कर्म और छेड़छाड़ से बचाव संबंधित बहुत सारी प्रश्नों को पूछा और जानकारियां ली। संत तरेसा की प्रधानाध्यापिका सिस्टर मौली और संत आग्नेस की प्रधानाध्यापिक सिस्टर अजिता ने कहा कि बच्चियों को प्रेरित करने और जागरूक बनाने के लिए बहुत ही सराहनीय पहल किया गया है। सिस्टर मौली ने कहा बलात्कार और दुष्कर्म की घटनाओं से समाज मे अब खौफ का माहौल बन गया है। बच्चियां हर जगह सुरक्षित नहीं है, इसलिए उन्हें सबल बनाने के लिए मेरी एडलीन के द्वारा चलाया गया मुहिम बहुत ही सराहनीय पहल है। वही सिस्टर अजिता ने कहा विद्यालय में पढ़ने वाली सभी बच्चियां ग्रामीण क्षेत्र से आती है, आज की कार्यशाला से बच्चियों क
ो बहुत सारी जानकारी मिली है, इससे उनमें बलात्कार, छेड़छाड़ जैसी बुरी घटनाओं के ख़िलाफ़ आवाज उठाने की हिम्मत बढ़ेगी। संत आग्नेस बालिका विद्यालय चुहड़ी की शिक्षिका रोज मेरी, बीणा मिस, पूनम कुमारी, लीना लुईस, शशि आनंद, शिखा रवि, पिंकी मिस सिस्टर सुधा, सेलिन विवेक, नेहा राजेश और संत तरेसा की शिक्षिका जसिंता मिस, कविता मिस, रजनी मिस, कंचन मिस,मिस अलका, मिस ममता, मिस पूजा मिस सोनम, मिस सिम्मी, छाया कुमारी,प्रियंका मिस ने कार्यशाला में भाग लिया। शिक्षिकाओं ने कहा कि हमलोग भी बच्चियों को विद्यालययी शिक्षा के साथ- साथ आज की कार्यशाला की बातों को बताएंगे और बच्चियों को सबल बनाएंगे। अंत मे मेरी एडलीन के द्वारा बच्चियों को बताया गया कि सभी बच्ची स्वयं को कभी भी कमजोर नहीं समझे और बुरे लोगों के खिलाफ आवाज जरूर उठाये।