विवेक कुमार की रिपोर्ट:-
चनपटिया: इन दिनों नगर पंचायत चनपटिया भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत हर घर को शौचालय देने में फिसड्डी साबित हो रही है।उदाहरण के तौर पर देखा जा सकता है कि नप के वार्ड संख्या 07 निवासी छठु साह द्वारा दिनांक 28 जनवरी 2019 को शौचालय योजना की राशि के लिए आवेदन दिया गया लेकिन करीब सात माह बीत जाने के बावजूद भी नप की कुम्भकर्णी निंद्रा नही टूटी कि योजना का लाभ लाभार्थी को दिया जाए।नप कार्यालय की दौड़ लगाते-लगाते लम्बी प्रतिक्षा के बाद भी जब उक्त योजना का लाभ नही मिल सका तो लाभार्थी द्वारा कर्ज लेकर शौचालय का निर्माण भी करा लिया गया।अब सवाल यह उठता है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का बढ़-चढ़कर बखान करने वाले जनप्रतिनिधि सुस्त व लापरवाह कर्मचारियों की कार्यशैली पर नजर क्यों नही रखते?अब देखना यह होगा कि ऐसे लापरवाह अधिकारी के ऊपर जिला प्रशासन या राज्य की शासन व्यवस्था किस तरह से लगाम लगाती है।सरकार द्वारा गांव से लेकर शहर तक की दीवारों पर लिखवाए गए स्वच्छ भारत मिशन की यह स्लोगन नप की बदहाल व्यस्था पर मुँह चिढ़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं।एक तरफ प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत मिशन है,जिसमे घर-घर शौचालय होने के दावे किए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ घरों में शौचालय नही होने के कारण जिले में आए दिन बेटियां शौच जाने के क्रम में दुष्कर्म की शिकार हो रही हैं।उन्हें अपनी इज्जत ही नही जान तक गंवानी पड़ रही है।




Recent Comments