दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-
पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया में आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के धरना में बोले मुख्या संरक्षक : रोटी की जंग लड़ रहे हैं हम सब, इसमें सिर्फ मानवता देखी जाती है, जाति धर्म के लिए रोटी में कोई जगह नहीं होती है, सिर्फ कर्म देखा जाता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सिर्फ बगहा एवं वाल्मिकीनगर क्यों आते हैं ? बेतिया, लौरिया ,मझौलिया आदि क्षेत्रों में क्यों नहीं आते हैं ? उन्होने कहा कि वे उनपर निजी जीवन का तंज़ कसकर बयान देते हैं तो मीडिया बंधू कहते हैं निजी जिंदगी में दखल नही दें, अरे भाई, कौन निजी जिन्दगी नही जीता, तो इसमें क्या बुरा है, क्योंकि पश्चिमी चंपारण में के अलावा और भी कई क्षेत्र पिछड़े है, जहां उनका दर्शन नहीं होता है। वैसे रामनगर रानी का पकवान खाते रहे । इस बार सेविकाएं अपने अपमान का बदला जरूर लेंगी, उपर्युक्त बातें गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित समहरणालय के समक्ष सेविका-सहायिका अनुमंडल स्तरीय धरना को संबोधित करते हुए बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के जिला के मुख्य संरक्षक ओम प्रकाश क्रांति ने कही । उन्होंने यह भी कहा कि सरकार विधायकों का वेतन 35 से बढ़ाकर 45000 कर दिया है, जबकि सेविकाओं का मानदेय बढ़ाने में उनको कठिनाई होती है। सरकार की सोच पर सवालिया निशान उठाते हुए, ओमप्रकाश क्रांति ने कहा कि बिहार में लाखों आंगनबाड़ी केंद्र बंद है। करोड़ों बच्चों को भोजन नहीं मिल रहा है, प्रखंड से लेकर राज्य स्तर पर सेविका-सहायिका आंदोलन कर रही है, लेकिन बिहार का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को न दिखाई दे रहा है ना सुनाई दे रहा है। धरना को संबोधित करते हुए जिला संगठन प्रभारी अजय वर्मा ने कहा कि सेविकाओं के 15 सूत्री मांगों को अविलंब पूरा करने की मांग की । जिला की कार्यकारी अध्यक्ष स्नेहलता कुमारी, गोदावरी देवी तथा कोषाध्यक्ष रेणु देवी ने संबोधित करते हुए सरकार से अविलंब मांग मानने को कहा है । इसी क्रम में जिला महासचिव सुमन वर्मा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वे उग्र आंदोलन करने पर बाध्य होगी। बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की धरना को हसीना खातून, पम्मी, श्रीदेवी, सीता देवी, शीतला झा, उदय कांत, बिहारी महतो, राजा श्रीवास्तव, आनंद श्रीवास्तव, सोनू कुमार ने भी संबोधित किया।





Recent Comments