मांझी(सारण) । भवन निर्माण कम्पनी में काम करने के दौरान लोहे के गार्डर से दबकर शनिवार की शाम बेंगलुरु में हुई दर्दनाक मौत के बाद कल देर रात मजदूर धर्मेन्द्र महतो का शव उसके गांव डुमरी पहुंचा। शव के पहुंचते ही परिजन दहाड़ मार कर रोने लगे। यह कारुणिक दृश्य देख कर वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें भर आईं। भाजपा के युवा नेता राणा प्रताप उर्फ डब्ल्यू सिंह मुखिया संजीत साह अरविंद सिंह राजा सिंह डॉक्टर अशोक पाण्डेय तथा शम्भू यादव आदि लोगों ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया।
बेंगलुरु से शव लेकर आये पड़ोसी मजदूर रंजय महतो ने घटना की आंखों देखी हालत बयां की। घटना रोंगटे खड़ी करने वाली थी। शनिवार की शाम लगभग सवा पांच बजे तीन मंजिला मकान के चालीस फुट ऊंचे स्थान पर लोहे का गार्डर चढ़ाया जा रहा था। तभी गार्डर अनियंत्रित होकर लगभग सत्तर फुट नीचे जा गिरा। उसी गार्डर पर धर्मेन्द्र महतो तथा कोपा के प्रमोद महतो और गुठनी के एक मजदूर समेत तीनो धड़ाम से गिर पड़े। स्थिति की भयावहता देख आस पास के मजदूर भी कूद कर भाग निकले जिसमें डुमरी के राकेश महतो का पैर क्षतिग्रस्त हो गया। उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बेंगलुरु के स्थानीय मजदूर संगठन जेएसएस के अध्यक्ष बीर बहादुर सिंह तथा सुनील कुमार ने प्रिया इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के मालिक से अनुग्रह राशि के तौर पर मृतकों के परिजनों को 25 पच्चीस लाख का भुगतान करने की मांग की। हालांकि उनकी मांग पर कम्पनी द्वारा तीनों मृतकों के दाह संस्कार के लिए क्रमशः अस्सी अस्सी हजार रुपये का भुगतान करने के अलावा हवाई जहाज से शव को पटना तक भेजने के लिए डेढ़ लाख रुपया अलग से प्रदान किया गया। बुधवार की सुबह दोनों मजदूरों का दाह संस्कार सम्पन्न हो गया।