◆अनुसूचित जाति/जनजाति एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज
◆कार्यपालक सहायक ने अपने को बताया बेकसूर, जानबुझ कर फंसाने की कही बात

परवेज अख्तर/सिवान

जिले के हुसैनगंज प्रखंड कार्यालय के पूर्व पंचायत कार्यपालक सहायक कुमार चित्रांश श्रीवास्तव को स्थानीय थाने की पुलिस ने गिरफ्तार करके मंगलवार को जेल भेज दिया. प्राप्त जानकारी के अनुसार बीडीओ मनीषा प्रसाद ने थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि पूर्व में हुसैनगंज प्रखंड के छपियां बुजुर्ग के आरटीपीएस में कार्यरत कुमार चित्रांश श्रीवास्तव का स्थानांतरण एक माह पूर्व सिसवन प्रखंड में हो गया था. इस संदर्भ में कुमार चित्रांश लगातार मेरे पास फोन कर रहा था कि आप ही के कारण मेरा हुसैनगंज प्रखंड से स्थानांतरण सिसवन प्रखंड में हो गया है. आप मेरा प्रतिनियुक्ति सिसवन प्रखंड से हुसैनगंज प्रखंड में करा दें. इस बात को लेकर मेरे पास कई दिनों से फोन करके मुझे परेशान कर रहा था. मैं उसको बार-बार बता रही थी कि मेरे द्वारा स्थानांतरण कराना संभव नहीं है. इसके बावजूद भी वह मेरे ऊपर दबाव डालता जा रहा था. साथ ही मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित भी कर रहा था. मैं परेशान होकर उसका फोन रिसिव करना बंद कर दी थी. इसी बात से गुस्सा होकर चित्रांश रविवार को मैं शाम को जब थक कर अपने सरकारी आवास हुसैनगंज में गई. वहां पर मेरी एक छोटी बच्ची जिसकी उम्र चार-पांच वर्ष है के साथ बैठी थी. इसी बीच चित्रांश मुझे अकेला देख मेरे सरकारी आवास में घुसने का प्रयास किया. दरवाजा बंद देख वह आवास के कैंपस के गेट को फांद कर प्रवेश कर गया. मैं यह देखकर अपने आवास के अंदर जाकर मेन दरवाजा को बंद कर ली. वह अंदर जाने का भरपूर प्रयास किया, परंतु दरवाजा नहीं खुल पाया. यह देख वह मेरे साथ गाली-गलौज करने लगा और जाति सूचक शब्दों का भी प्रयोग करने लगा. आज मैं तुमको जान से मार दूंगा. यह बात सुनकर मैं काफी डर गई और डरकर मैं अपने बच्ची को लेकर चारों तरफ से अंदर से बंद कर लिया. चित्रांश मेरे दरवाजे को खुलवाने का बार-बार प्रयास कर रहा था. जब मैं दरवाजा नहीं खोली तो वह मुख्य दरवाजे से पीछे जाकर मेरे आंगन में चहारदीवारी बाउंड्री पार कर कूदने का प्रयास किया. मैं तुरंत इसकी सूचना स्थानीय थाने को दी. सूचना पाते ही थानाध्यक्ष श्रीकांत तिवारी पुलिस बल के साथ मेरे आवास पर पहुंचकर चित्रांश को अपने कब्जे में कर लिया तथा थाने ले जाकर हाजत में बंद किया. तब मेरी जान बच पाई. थानाध्यक्ष श्री तिवारी ने बताया कि बीडीओ के आवेदन पर जांच पड़ताल की जा रही है. इस मामले के प्राथमिक अनुसंधान के लिए सहायक अवर निरीक्षक जहांगीर खान को अधिकृत गया है. आवेदन के आधार पर मंगलवार को गिरफ्तार पंचायत कार्यपालक सहायक चित्रांश को जेल भेज दिया गया. थानाध्यक्ष श्री तिवारी ने बताया कि थाना कांड संख्या 13/20 भारतीय दंड विधान की धारा 341, 323, 447, 448, 354, 504, 506 अनुसूचित जाति/जनजाति एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. वहीं कार्यपालक सहायक चित्रांश ने अपने आप को बेकसूर बताया. उसका कहना था कि बीडीओ उसे जानबुझकर फंसा रही है. उसने वरीय अधिकारियों से गुहार लगाने की बात कही.