•बिहार में प्रशासन के निर्देश की उड़ रही है धज्जियां,बिना ढके बालू ही ट्रक से होता है ढुलाई www.dainikkhojkhabar.live 
मनोकामना सिंह उप-प्रबंध सम्पादक “दैनिक खोज खबर” मढौरा (सारण):-सारण जिले मे बालू के कारबारियों के कारनामे किसी से छिपे नही है ।खनन से परिवहन तक प्रशासन के निर्देशों को धज्जियां उड़ा अपने कारोबार मे लगे कारोबारियों की पहुंच प्रशासन पर भारी पर रहे है ।कारोबारी सारण के सरयू तट के डोरीगंज ,झौआ आदि जगहो से सैकड़ो ट्रक एवं ट्रैक्टर बालू लेकर सारण जिले के गांव कस्बे के अलावे सीवान और गोपालगंज तक भी एन एच एवं स्टेट हाइवे के रास्ते ढुलाई करते है।
पूर्व मे सारण के जिला प्रशासन द्वारा सभी कारबारीयो को निर्देश दी गई थी की बालू लदी वाहन पर त्रिपाल से ढक ही परिवहन करना है। जब प्रशासन निर्देश देता है तो कारोबारी कुछ दिन तो नियमों का पालन करते है फ़िर धीरे-धीरे नियमों की अनदेखी होने लगती है।इसके पीछे प्रशासन का ढीला ढाला रवैया है ।वैसे भी बालू कारोबारियों के साथ ही पुलिस प्रशासन के भी पिछले साल से बल्ले बल्ले है।छपरा मे अवैध खनन से लेकर अवैध धुलाई की चर्चा पूरे राज्य मे सुर्ख़ियों मे था।
 मढौरा अनुमंडल मुख्यालय के अमनौर -मढौरा स्टेट हाइवे के रास्ते सीवान और गोपालगंज जाने वाले बालू लदे ट्रक भी प्रशासन के साथ ही राहगीरों के भी आँखों मे धूल झोंक रहे है।बालू के बिना ढके परिवहन से उड़ दुपहिया वाहन चालकों आटो मे बैठे यात्रीयो के साथ ही पैदल चलने वाले राहगीर भी परेशान होते है।
अभी तेज हवा का भी मौसम है ।इसमे खुले बालू की धुलाई से परेशानी कुछ ज्यादा ही रहता है ।मढौरा-अमनौर एस एच -73 पर करनपुरा गांव के पास खुले बालू की धुलाई करने वाले ट्रक से ही पिछले महीने एक बाइक एवं एक आटो दुर्घटना के शिकार हो गये थे। इस दुर्घटना मे बाइक सवार एक और् ऑटो मे ड्राइवर सहित दो सहोदर भाईयो की मौत हो गई थी।
प्रशासन को इन दुर्घटना के पीछे की कारणों को पता न कर तेज रफ्तार की आड़ मे मामले को ओझल कर दिया जाता है। शनिवार को दोपहर ऐसा ही खुले बालू लोड किये हुये अमनौर के बाजार के रास्ते मढौरा की तरफ़ आ रहा था ।ये तो एक नमूना है।ऐसे कई बालू लोड कर खुले मे राहगीरों के आँख मे झोकते दनादन आगे निकल जाते है।
बिहार में प्रशासन के निर्देश की उड़ रही है धज्जियां,बिना ढके बालू ही ट्रक से होता है ढुलाई