बहरीन सरकार, हिंसक रवैया छोड़ देः ईरान
अब्दुल मुत्तलिब रज़ा ( Edited by आज़ाद नेब )
ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासिमी ने बहरैन के वरिष्ठ शीया धर्म गुरु शैख़ ईसा क़ासिम के विरुद्ध न्यायालय के फ़ैसले की निंदा करते हुए बहरैनी सुरक्षा बलों के हिंसक व्यवहार पर चिंता व्यक्त की है।
बहरैन के न्यायालय ने 21 मई को आदेश जारी करते हुए शेख ईसा क़ासिम को एक साल की सज़ा सुनाते हुए एक लाख दिरहम का जुर्माना भी लगाया है।  हालांकि इस सज़ा को तीन साल के लिए विलंबित किया गया है। न्यायालय ने वरिष्ठ शिया धर्मगुरू पर मनी लांड्रिंग का झूठा आरोप लगाया है।  बहरैन के न्यायालय ने शेख ईसा क़ासिम के कार्यालय में मौजूद उस पैसे को मनी लांड्रिग बताया है जो ख़ुम्स और ज़कात के रूप में वहां मौजूद था।
ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासिमी ने रविवार को बहरैन के वरिष्ठ शीया धर्म गुरु के विरुद्ध न्यायालय के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बहरैन की सरकार ने सांप्रदायिक और धार्मिक व्यवहार अपनाते हुए शैख़ ईसा क़ासिम और उनके निकटवर्तियों पर निराधार आरोप लगाए हैं और वह धर्म के अटल नियमों के विरुद्ध मुक़द्दमा चलाने का प्रयास कर रही है।
श्री बहराम क़ासिमी ने एक बार फिर बहरैनी अधिकारियों से मांग की है कि बहरैनी जनता की मूल स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाने और उसका मुक़ाबला करने के बजाए जनता के साथ वार्ता की मेज़  पर आए और इस प्रकार की कार्यवाहियों से देश की स्थिति को और अधिक जटिल न बनाएं।
ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने मुसलमानों के मध्य शैख़ ईसा क़ासिम के राजनैतिक और धार्मिक स्थान के महत्व पर बल देते हुए सचेत किया है कि शैख़ ईसा क़ासिम को किसी भी प्रकार की हानि नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि अब तक बहरैन की जनता ने अपने नेता के समर्थन में शांति प्रदर्शनों और शैलियों का सहारा लिया है।