
बरदहिया से निकल एक छात्र ने यूजीसी नेट जेआरएफ में किया क्वालीफाई
ロ गरीब पिता ने कहा कमलेश ने दिया जीवन भर का खुशी
मढ़ौरा (सारण) : प्रतिभा कभी जगह और सुविधा की मोहताज नहीं होती I अपनी मेहनत के दम पर भी सुविधाविहीन लोग कामयाबी के शिखर को छु लेते है I इसे ही चरितार्थ करके दिखाया है प्रखंड के बरदहिया गांव के रहने वाले सामान्य परिवार से आने वाले कमलेश कुमार सिंह ने I चार साल पहले तक गांव के गलियों से नाता रखने वाले कमलेश के मन में समाज के लिए कुछ करने की ईच्छा ऐसी जगी कि फिर एक निश्चय ने उसकी दुनिया ही बदल दी I अपने सपने को पूरा करने के लिए यूपी के बीएचयू से एलएलबी की पढाई पूरा कर अभी वर्तमान में क्लैट से बैगलूर में एलएलएम कर रहे कमलेश ने अपने पहले प्रयास में ही यूजीसी नेट जेआरएफ क्वालीफाई किया है I पहले देश के सर्वोच्य नयायालय में गरीबों के हक और न्याय की लड़ाई का सपना रखने वाले कमलेश को इस सफलता से उनके इरादे को मजबूत कर दिया है I जेआरएफ के साथ असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए क्वालीफाई कमलेश अब अपने जैसा सोच रखने वाले लोगों की समूह बनाना चाहते है I कमलेश ने बैंगलूर से मोबाइल से बातचीत में बताया कि वे शिक्षण फैकल्टी में आयेंगे और कानून की पढाई के दौरान गरीबों के साथ न्याय और उनका हक की आवाज उठाने वाले हजारों कमलेश बनाने का प्रयास करेंगे I
पिता ने प्राइवेट नौकड़ी करके भी पढाई के लिए दिया संसाधन
कमलेश के पिता बरदहिया निवासी दिलीप प्रसाद सिंह सामान्य परिवार से है I घर चलाने के लिए दिल्ली में प्राइवेट नौकड़ी कर परिवार का भरण पोषण करते है I तंगहाली के कारण कमलेश का बड़ा भाई भी थोड़ी पढाई करके ही पिता के साथ ही काम करने लगा I कमलेश पर भी कमाने का दबाव था I इसी बीच कमलेश छपरा से स्नातक कर बीएचयू से एलएलबी करने चला गया I फिर कमलेश का जीवन बदलता गया और पिता का मुश्किल में भी रूपया भेजते देख कुछ अलग करने के लिए मेहनत में जुट गया I यूजीसी नेट में जेआरएफ और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए क्वालीफाई करने पर परिजन खुश है I कमलेश ने जब रिजल्ट की जानकारी परिजनों को दी तो पिता ने कहा कि कमलेश ने उसे जीवन भर की खुशी दे दी I कमलेश की सफलता पर गांववालों में आश्चर्यमिश्रित खुशी है I सभी इस सफलता में कमलेश की जीतोड़ मेहनत को स्वीकार करते है I
साभार – संजीव कुमार, दैनिक भास्कर,मढ़ौरा,सारण




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