संजय विजित्वर/ (हाजीपुर) । शहर के ऐतिहासिक गांधी स्मारक पुस्तकालय परिसर में पुलिस सुधार दिवस के अवसर पर संवेदी उत्तरदायी, स्वायत्त पुलिस विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता पुस्तकालय के सचिव भोलानाथ ठाकुर ने तथा संचालन सुमन कुमार ने की। उपर्युक्त विषयक विचार गोष्ठी का विषय प्रवेश कराते हुए अधिवक्ता रंजीत कुमार ने पुलिस अधिनियम पर चर्चा की और सर्वोच्च न्यायालय का आदेश के आलोक में पुलिस सुधार पर हुए अब तक के कार्यों की चर्चा करते हुए संवेदी व उत्तरदायी पुलिस के बारे में विस्तार से बताया। वक्ताओं ने बताया कि राज्य की पुलिस राज्य के साथ होती है इसलिए जनता के साथ उसका दोस्ताना संबंध नहीं बन पाता है। परिणामस्वरूप वह सरकार के प्रति संवेदी तथा जनता के प्रति संवेदनहीन हो जाती है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर पुलिस के संवेदी ,उत्तरदायी स्वायत्त बनाने के लिए अब तक किए गए तमाम प्रयास नाकाफी सिद्ध हुए हैं। वर्ष 2007 ई० में पुलिस अधिनियम के निर्माण के बाद भी पुलिस को हम संवेदी ,उत्तरदायी बनाने में विफल रहे। इस विचार गोष्ठी में राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि अवधेश सिंह, सुनील जी, विकास आनंद,कुमार राजेशम, राजेश शर्मा, संतोष कानन, देवेंद्र राय, प्रेम यादव ,कुमारी आशिकी, आशुतोष शुक्ला, सोनू तिवारी, कुमार अमित ने अपने-अपने विचार रखे। इस विचार गोष्ठी में कुमार राजेश रंजन बख्शी,अभिनय कौशल, डब्लूजी,ओम प्रकाश राय, रुदल राय, कुमार हरिभूषण सहित कई लोग उपस्थित थे।




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