नवादा में संविधान बचाओ ,आरक्षण बचाओ संघर्ष मोर्चा के द्वारा भारत बन्द का रहा मिलाजुला असर

रिपोर्ट – सन्नी भगत/नवादा : अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग समाज के द्वारा केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा चलाई जा रही आरक्षण समाप्त करने की नीतियों के खिलाफ देशभर में अनुसूचित जाति जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के द्वारा 5 मार्च को संपूर्ण भारत बंद किया गया। जिसमें भारत बंद के दौरान नवादा बन्द का मिलाजुला असर देखने को मिला। संगठन की मांगे हैं 13 प्वाइंट रोस्टर रद्द किया जाय । आबादी के अनुरूप वर्ग वार एससी एसटी ओबीसी को आरक्षण देना सुनिश्चित करें । देश के सभी निचली अदालत से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक बैकलॉग सहित एसी एसटी ओबीसी पर आरक्षण लागू करते हुए 50% बहाली सुनिश्चित करें देश के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों में बैकलॉग सहित एससी एसटी ओबीसी को 85% आरक्षण लागू कर बहाली सुनिश्चित करें । देश की सेना के सहादत के नाम पर केंद्र की मोदी सरकार घटिया किस्म की राजनीति करना बंद करें। भारत के मूलनिवासी को पर केंद्र की सरकार अत्याचार करना बंद करें,प्रमोशन में आरछण लागू करो जैसी अन्य कई मांगों को लेकर नवादा शहर को एस सी एस टी ओ बी सी बर्ग के लोगो साथ संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बंद किया सम्पूर्ण भारत के अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के द्वारा केन्द्र की नरेंद्र मोदी भाजपा सरकार द्वारा चलाई जा रही आरक्षण समाप्त करने की नीतियों के खिलाफ देश भर के अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति पिछड़ा वर्ग के द्वारा संविधान बचाओ आरक्षण बचाओ संघर्ष मोर्चा नवादा द्वारा नवादा बन्द किया गया।सुबोध कुमार जौनी,पूर्ब वार्ड पार्षद सीता राम चौधरी ,चौधरी नगर और चन्दन कुमार ,प्रिंस तम्मना,भदौनी मुखिया सह राजद नेता के संयुक्त नेतृत्व में नवादा बंद किया गया। नवादा बंदी के दौरान गौरब गजराज,धर्मदेब पासबान दलित मानबाधिकार अभियान, परशुराम दास,कमलेश राणा,भीम आर्मी,अखलेश पासवान ,भीम आर्मी ,गुड्डू कुमार चौधरी ,मनोज चौधरी ,पिंटू दास ,विजय चौधरी,भीम आर्मी प्रदेश महासचिब , प्रवेश कुमार,अम्बेडकर नगर ,विकास कुमार ,मुकेश चौधरी,सरोज चौधरी, कामेश्वर रविदास, विजय रविदास,दशरथ मांझी के अलावे कई लोग शामिल हुए।