संजय विजित्वर (हाजीपुर)- हिंदू संस्कृति पर चीन एवं नेपाल के द्वारा कुठाराघात के विरुद्ध दो दिन से उपवास कर रहे पूज्य संतों के उपवास आज हिंदू जागरण के प्रदेश अध्यक्ष विनोद यादव द्वारा समाप्त कराये गये। हिंदू जागरण मंच ने अपने विज्ञप्ति के माध्यम से बतलाया कि चीनी षड्यंत्र में फंस चुके नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने हिंदू संस्कृति पर कुठाराघात कर भारत के सांस्कृतिक पहचान श्री अयोध्या धाम के अस्तित्व को नकारते हुए इसे नेपाल स्थित बीरगंज में बतलाया ।इस षड्यंत्र के विरुद्ध पिछले दो दिनों से सांकेतिक उपवास पर बैठे भारत साधु समाज के प्रदेश सचिव नागा महंत प्रकाश गिरी जी महाराज एवं हरिहर क्षेत्र सोनपुर में चतुर्मास कर रहे नेपाल में ख्याति प्राप्त कथावाचक संत श्रीकांत मणि त्रिपाठी जी महाराज उपवास पर रहे। हिंदू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार यादव द्वारा संतों के उपवास समाप्त कराये गये तथा इस अवसर पर हाजीपुर के गांधी आश्रम स्थित हनुमान मंदिर पर पहुंचे हुए उनके भक्तों ने नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का पुतला दहन किया तथा षड्यंत्रकारी चीन के झंडा को जलाया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता धर्म जागरण समन्वय विभाग के प्रदेश संयोजक डॉ अवधेश कुमार ने की। इस अवसर पर कई हिंदूवादी नेता एवं कार्यकर्ताओं ने लॉकडाउन नियमों का पालन करते हुए अपना विरोध प्रकट किया ।विस्तारवादी जिनपिंग को विश्व शांति का खतरा एवं नेपाली कम्युनिस्ट प्रधानमंत्री को नेपाल के अस्तित्व के लिए ही खतरा बतलाया । हिंदू जागरण मंच के प्रदेश विधि प्रमुख अधिवक्ता रवि शंकर सिंह ,नगर मंत्री बिट्टू कुमार ,नगर उपाध्यक्ष लव कुश शर्मा ,राहुल कुमार गुप्ता, गांधी आश्रम महावीर मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष अरविंद राय ,गांधी आश्रम विकास मंच के प्रमुख अमरदीप यादव ,एवं एल आई सी के वरिष्ठ अभिकर्त्ता संजीव कुमार श्रीवास्तव ,पूर्व सैनिक संघ के महासचिव सुमन कुमार सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया ।इस अवसर पर विनोद कुमार यादव ने कहा कि चीनी षड्यंत्र में फंसकर नेपाली प्रधानमंत्री ने तो बीरगंज में ही अयोध्या का होना बताया, परंतु कितना हास्यास्पद है जब दुनिया पूछेगी कि अयोध्या के किनारे सरयू कहां से लाओगे ,चित्रकूट कहां से लाओगे , अयोध्या में हनुमानगढ़ी कहां से लाओगे, निषाद राज का गंगा घाट कहां से लाओगे? तब शायद इनके पास कोई उत्तर नहीं होगा । यह अपनी कपोल कल्पना सुनाकर हिंदू समाज को केवल दिग्भ्रमित कर सकते हैं, उसकी आस्था को डिगा नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि चीन के इस षड्यंत्र का कठोरता से जवाब देने की आवश्यकता है।और परम पूज्य दलाई लामा को भारत रत्न देने की मांग की।इस अवसर पर आक्रोशित लोगों ने चीन मुर्दाबाद केपी ओली मुर्दाबाद के नारे लगाए । धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह ने किया।