बिक्रमपुर में पितामह मैरिज हॉल के उद्घाटन के मौके पर आनंद मोहन व अन्य

दैनिक खोज खबर/मढ़ौरा(सारण)/17/01/24। पीछले दो दशकों से नीतीश कुमार बिहार में रहकर देश की राजनीति को नचा रहे हैं। जो इन्हें थके, हारे, रिटायर्ड और पलटू चाचा कहते हैं, वो घोटलू भतीजा क्यों हैं। उनके पिताजी क्यों कहते हैं कि नीतीश कुमार के लिए दरवाजा खुला हुआ हैं, क्या उन्हें अर्जी लगाने गए थे। अभी भी दोनों गठबंधनों के लिए सर्वमान्य नेता हैं तभी तो प्रधानमन्त्री ने भी इन्हे देश का बड़ा समाजवादी व्यक्ति कहा। यूपी के अखिलेश यादव ने भी कहा की नीतीश कुमार समाजवादी व्यक्ति हैं, उन्हें आ जाना चाहिए। उक्त बातें बिक्रमपुर कर्णपुरा में पूर्व सांसद आनंद मोहन ने एक मैरिज हॉल के उद्घाटन के उपरांत पत्रकारों के सवालों के दरम्यान कहीं। उन्होंने परिवारवाद पर भी बड़ी साफगोई से कहा कि अकलोल बकलोल ढकलोल को पॉवर, ताकत और राजनितिक शक्ति का इस्तेमाल कर स्थापित करना परिवारवाद हैं, लोकतंत्र का ये हिस्सा नहीं हैं। शेष अपने संघर्ष और बलबूते राजनीति में स्थापित होना कोइ परिवारवाद नहीं कहलाएगा, ये खुद समीक्षा करने की जरूरत है। वहीं संविधान बचाने के लिए विपक्षी के रट लगाने के सवालों के जवाब में कहा कि 150 करोड़ जनता को पुरखों से विरासत में मिली सर्वोत्तम संविधान हैं, इसे जोड़ने की जरूरत है न तोड़ने की जरूरत है। वैसे बदलाव प्रकृति का नियम हैं। उन्होंने आगे के मिशन को लेकर बताया की पूरे बिहार के गांव और कस्बों में शौर्य यात्रा निकलेगी, इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। वहीं शुक्रवार को बिक्रमपुर करणपुरा एसएच 73 पर पितामह मैरिज हॉल का उद्घाटन पूर्व सांसद आंनद मोहन ने फीता काट कर किया। इस मौके उपस्थित भीड़ को सम्बोधित करते हुए कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को आधुनिक सुविधा पूर्ण मैरिज हॉल निर्माण के लिए संचालक सुरेंद्र सिंह और उनके यूवा पुत्र नीरज कुमार व धीरज कुमार को साधुवाद देता हुं और जीवन प्रगति और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यो में सफलता के शुभकामनाएं भी। उन्होंने अपने 20 मिनट के संक्षिप्त भाषण में जेपी, चंद्रशेखर और जार्ज फर्नांडिस के समय अपनी जीवन संघर्षो और वर्तमान परिदृश्य में राजनितिक हालातों की चर्चा की। मौके पर ठाकुर अमर सिंह, विजय सिंह, पूर्व जिला पार्षद महेश सिंह, अजय सिंह, राहुल सिंह, पूर्व मुखिया सुरेश सिंह, समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थें।
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