सारण/अमनौर।स्थानीय थाना क्षेत्र के एसएच 104 अमनौर- भेल्दी मुख्य पथ धरहरा मठिया के निकट सड़क के बीच लगाने के लिए सड़क पर रखे साइफन से टक्कर खाने के बाद बाइक सवार पिता पुत्र दोनों की मौत हो गई,घटना बुधवार की देर संध्या की है. मृतक स्थानीय थाना क्षेत्र के खसपट्टी बीनटोली गांव के मंगल महतो के पुत्र हरिलाल महतो 42 वर्ष इनके बड़ा पुत्र टोनी कुमार उर्फ अजय 22 वर्ष बताया जाता है. इस घटना में पिता पुत्र की मौत के खबर से परिजनों में कोहराम मच गयी. घटना के संबंध में बताया जाता है कि टोनी बुधवार को देर संध्या एक बाइक से अपने मामा व पिता को छपरा जंक्शन ट्रेन पकड़वाने  छपरा जा रहा था.  जहां उक्त सड़क के पास बाईक अनियंत्रित होकल सड़क पर पड़े साइफन से जा टकरायी  .जहां टोनी कुमार की मौके पर ही मौत हो गयी . वही पिता हरिलाल महतो व मामा संजय गंभीर रूप से घायल हो गये थे . गंभीर स्थिति को देखते हुए मृतक के पिता को  प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल, छपरा रेफर कर दिया गया था. जहां देर रात उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई .पोस्मार्टम के बाद एक साथ पिता पुत्र की शव जैसे ही गांव में आया लोगो की हुजूम जुट गई,.परिजनों के चींख पुकार ने सबको मर्माहत कर दिया. इस घटना से गांव में मातम सा छा गया. मृतक के वृद्ध पिता मंगल महतो व माता फूलमती देवी अभी जिंदा है, पिता दो वर्षों से पैर टूटने से खाट पर गिरे है. पुत्र व पौत्र की मौत से ये काफी चीत्कार मार मार के रो रहे थे, कह रहे थे काश ! इनके बदले ईश्वर हम को दुनिया से उठा लिए होते,अब हमारे बुढ़ापे के सहारा कौन होगा. वहीं पत्नी बुधनी देवी पति व पुत्र की बियोग में रो रो कर पागल हो गई है. टोनी तीन बहन व तीन भाई में बड़ा था,इनके दो फुआ भी है,अभी किसी का शादी भी नही हुआ है,घर के दोनों कमाऊ ब्यक्ति थे,बाप बेटा एक साथ दिल्ली स्पोर्ट कम्पनी में कमाकर घर परिवार का लालन पालन करते थे.लॉक डाउन में फैक्ट्री बन्द होने के कारण घर आकर बांस की छैटी व टोकरी बीनकर अपना जीविका चलाते थे. दिल्ली में कोरोना संक्रमण की संख्या कम होने के बाद अपनी जीविका के लिए दिल्ली जा रहे थे कि इतनी बड़ी हादसा हो गई. एक ही घर के दो कमाउ व्यक्ति की मौत के बाद भी उसके परिजनों को मुख्यमंत्री परिवारिक लाभ योजना के तहत सहायता राशि तक नहीं उपलब्ध कराई गई. जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश देखा गया.