सारण/ दिघवारा।गंगा के जलस्तर के घटने के बीच बाढ़ के पानी का निचले इलाकों में प्रवेश करने का सिलसिला अनवरत जारी है जिससे हर दिन बाढ़ का पानी नए क्षेत्रों में प्रवेश कर रहा है.ऐसा होने से लोगों की मुश्किलों में इजाफा हो रहा है. बाढ़ का पानी प्रखंड व अंचल कार्यालयों के समीप पहुंच गया है जिससे इन कार्यालयों के समीप दिनभर अफरातफरी की स्थिति दिखी.इसके अलावे बाढ़ का पानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिघवारा के समीप भी पहुंच गया है.हॉस्पिटल के चारों ओर जलमग्नता की स्थिति है और हॉस्पिटल जाने के सभी रास्तों पर घुटना भर पानी जमा है .ऐसी स्थिति में अब लोगों को इलाज के लिए सीएचसी पहुंचने में बाढ़ के पानी के बीच से गुजरना होगा.बाढ़ का पानी नगर पंचायत परिसर में भी प्रवेश करने लगा है.यह पानी बुनियाद केंद्र,सीएचसी के पास स्थित सामुदायिक भवन, प्राथमिक विद्यालय दिघवारा प्रखंड व प्रखंड मुख्यालय के क्रीड़ा मैदान के लबालब भर गया है.

फोरलेन से सटा क्षेत्र झील की शक्ल में बदला,हर जगह दिख रहा है पानी ही पानी-

नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर बाढ़ का पानी रास्तों पर आ जाने से आवागमन में परेशानी हुई है तो कई जगहों पर रास्ते पूरी तरह बंद हो गए हैं और लोग वैकल्पिक रास्तों के सहारे अपने गंतव्यों तक पहुंचते देखे जा रहे हैं.नगर पंचायत के चकनूर के पास बाढ़ का पानी भी निचले क्षेत्रों में प्रवेश कर रहा है.दिघवारा प्रखंड मुख्यालय से लेकर 17 नंबर रेलवे क्रासिंग के समीप तक पूरा चंवर का इलाका झील की शक्ल में बदल गया है वहीं दिघवारा मटिहान पथ मटिहान गांव के मंदिर के समीप बाढ़ का पानी सड़क के बराबर आ गया है और इस जगह पर कभी भी सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ सकता है.

यदुनंदन कॉलेज दिघवारा के परिसर में घुसा पानी, अब कॉलेज पहुंचने में कर्मियों को होगी परेशानी,अस्थायी कार्यालय खुला-

बाढ़ का पानी एनएच 19 के किनारे से बहता हुआ यदुनंदन कॉलेज परिसर में पहुंच गया है जिससे अब इस कॉलेज में विद्यार्थियों व कर्मियों का पहुंचना मुश्किल हो गया है. इस कॉलेज में विद्यार्थियों का पठन-पाठन पूरी तरह बंद हो गया है. कॉलेज में बाढ़ के पानी के प्रवेश करने की सूचना प्राचार्य डॉ विजय कुमार द्वारा विश्वविद्यालय को भेज दी गई है.कॉलेज के प्राचार्य डॉ कुमार ने बताया कि बाढ़ का पानी कॉलेज परिसर में प्रवेश कर जाने के कारण कॉलेज के कार्यालय को कॉलेज से पूरब एनएच 19 से सटे हेवंतपुर गांव के पास निर्माणाधीन मार्केट कांप्लेक्स में शिफ्ट किया गया है जहां शनिवार से कार्यालय अस्थायी रूप से कार्य करने लगेगा. इस दौरान इंटर में नामांकन व परीक्षा फॉर्म भरने में विद्यार्थियों को कोई परेशानी नहीं होगी.

बरुआ पंचायत के निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा है बाढ़ का पानी,कई रास्ते हुए बंद, कई गांवों में घुसा पानी-

गंगा के पानी के निचले इलाकों में जाने व मुरा पुल के समीप से पानी के घुसने से बरुआ पंचायत में कई जगहों पर पानी भर गया है. अभी भी इस पंचायत के निचले इलाकों में पानी के प्रवेश करने का सिलसिला अनवरत जारी है.इस पंचायत के पंचायत सरकार भवन के पास बाढ़ का पानी भारी मात्रा में जम गया है तो वहीं फरहदा जाने वाली सड़क पर भी घुटना भर से अधिक पानी जम जाने के कारण लोग वैकल्पिक रास्तों के सहारे अपने गंतव्यों की ओर जाते देखे जा रहे हैं. इस पंचायत के मलखाचक, रामदासचक,पिपरा,मिल्की, लक्ष्मीपुर ककड़िया व बरुआ आदि जगहों पर अभी भी निचले इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है. कई जगहों पर आने जाने के रास्ते बंद हो गए हैं जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है. कई जगहों पर आवासीय परिसर में जलमग्नता की स्थिति उत्पन्न होने से लोग अपने घरों के कीमती सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले गए हैं.पट्टी पुल के पास के फाटक को गुरुवार को खोला गया है जिससे निचले इलाकों में से बाढ़ के पानी से तेजी से घटने की संभावना है.लेकिन अभी भी पानी घटने के बजाय बढ़ते ही जा रहा है।वही बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि सरकार तथा स्थानीय प्रशासन से कोई मदद नही मिल रहा है जिससे बाढ़ पीड़ितों में रोष व्याप्त है।