पश्चिम चम्पारण ब्यूरो प्रमुख दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट —— लोकतांत्रिक युग में भी तुगलकी फरमान जारी करने वालों की कमी नही है।कुछ इसी अंदाज में बिजली विभाग के अधिकारी प्रखण्ड के पश्चिमी इलाके में कार्यों का निष्पादन कर रहे है।जिसका परिणाम दश गाँव के लोग एक सप्ताह से भुगत रहे है।हुआ यूँ कि 12 मई को सुबह में आती आंधी में परसौनी पंचायत के गौरीपुर गाँव के पास रामायण चौक के समीप हाई टेंशन बिजली का तार टूट गया।तार नाद पर खा रही नजरूद्दीन मियाँ की गर्भवती भैस पर गीर पडा।जिससे वह मौके पर ही मर गई। ग्रामीणों में मुरली के उमेश साह, परसौनी के दुखी राम,राजीव कुमार , नवीन कुमार, गौरीपुर के मदन केसरी,धनकुटवा के राजू सोनी,अमरनाथ भगत,अशोक राम ,सूर्यमंगल पाण्डेय आदि ने कहा कि वहाँ बिजली का तार पहले से काफी निचे लटका था।पोल भी दूर दूर पर लगाये गये थे।हाई टेंशन तार वहाँ के पैक्स अध्यक्ष के बिचोबीच खेत होकर गया था।तार निचे होने को लेकर उस खेत में किसानी भी करना खतरा से खाली नही था।बाँस से लटके तार को उठा कर खेती होती थी।तार लूज होने से तेज हवा तो दूर कई बार चिडियों के बैठने पर भी आपस में तार टकराकर आग उत्पन्न होकर टूट जाते रहे है।जिसे लेकर भैस की मौत के बाद बिजली सुचारू चलाने के लिए उपभोक्ताओं ने रूट बदलने का फैसला लिया।खेतों को गाँव के समीप होने से घराडी के लायक भूमि बताते हुये ग्रामीणों ने हाई टेंशन तार सड़क के किनारे से लेकिन जाने का फैसला लिया।ग्रामीणों का यह फैसला कनीय अभियंता अंशुमान वर्धन को नागवार लगा।जेई ने पूर्ववत रूट से ही हाई टेंशन तार फिर ले जाने पर अड गये।इसका विरोध परसौनी,गौचरी व धनकुटवा पंचायत के उपभोक्ताओ ने किया।लोगों का कहना था कि खेत होकर फिर तार ले जाने का मतलब फिर किसी के घर बनाने पर दुर्घटना की गारंटी होना तय है।फिर बिजली बन्द होनी निश्चित है।हलाकि उपभोक्ताओ की इस फैसले से नाखुश होकर जेई वैरंग वापस चले गये।औ
नाखुश होकर जेई वैरंग वापस चले गये।और पैक्स अध्यक्ष के विरुद्ध बिना किसी घटना के एक साजिश के तहत खेत से बिजली पोल उखाडने व तार काटने का आरोप लगाते हुये बलथर थाने में एक मामला दर्ज करा दिया।हलाकि उपभोक्ता बिजली विभाग के कर्मियों के काफी इन्तजार के बाद अपने स्तर से सड़क के किनारे बिजली का पोल खड़ा कर तार लगाने का काम कर रहे है।वही जेई इसे अपनी प्रतिष्ठा बनाकर इस उमस भरी गर्मी के बावजूद दश गाँवों को बिजली आपूर्ति से दूर कर दिया है।कार्यपालक अभियंता ने कहा कि अपने मनमानी कर कही से पोल व तार को उखाड़ कर कही लगाना अपराध है।आखिर विभाग काहे के लिए है।
आपूर्ति करने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।




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