छपरा (22 अक्टूबर) : जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक की। बैठक में डीएम ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य से जुड़ी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लक्ष्य हाॅसिल किया जाय।

प्रखंडो में प्रति दिन 500 गोल्डेन कार्ड बनाने का लक्ष्य:

आयुष्मान भारत के तहत गोल्ड कार्ड बनाये जाने को लेकर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक प्रखण्ड में प्रतिदिन पाँच सौ गोल्ड कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया जिसमेें प्रखण्ड क्षेत्र के अन्तर्गत कार्यरत सभी सीएससी को भी सम्मिलित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजनान्तर्गत लगभग 13 लाख 50 हजार गोल्ड कार्ड बनाये जाने हैं जबकि अभी तक 80 हजार गोल्ड कार्ड हीं बनाये गये है। समीक्षा में पाया गया कि सितम्बर माह में 5500 कार्ड हीं बनाये गये हैं। उस पर जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार प्रत्येक गरीब तक स्वास्थ्य सेवाऐं उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी के द्वारा निदेश दिया गया कि जिन प्रखण्डों में पिछले माह 200 से कम कार्ड बना है वहाँ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक से स्पष्टीकरण किया जाय। बैठक में बताया गया कि जिला में 15 अस्पतालों को इस योजनान्तर्गत् पंजीकृत किया गया है।
जिला में एम्बुलेंस के माध्यम से मरीजों की निःशुल्क सेवा प्रदान की जा रही है। जिलाधिकारी ने समीक्षा में पाया कि प्रतिदिन इसका स्ट्राइक रेट 8 से घट कर 7 हुआ है। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी अस्पताल में आने वाली सभी प्रसूता को हर हाल में एम्बुलेंस से हीं उसके घर भेजना सुनिश्चित किया जाय।

पूर्ण टीकाकरण में सुधार का निर्देश:

पूर्ण टीकाकरण की समीक्षा में पाया गया कि पूर्व के माह में जहाँ जिला का औसत 101 प्रतिशत रहा था वहीं इस बार यह 92 प्रतिशत पर गिर कर आ गया है। इसुआपुर, माँझी, रिविलगंज तथा नगरा में इसकी उपलव्धि उपेक्षाकृत कम पायी गयी। इस पर वहाँ के बीएचएम से स्पष्टिकरण करने का निर्देश दिया गया।

डीएम ने की प्रशंसा:

जिलाधिकारी ने अमनौर, गड़खा और परसा में इसकी उपलब्धि 100 प्रतिशत से अधिक रहने पर प्रशंसा की और निदेश दिया कि किसी भी प्रखण्ड में यह उपलब्धि 100 प्रतिशत से कम नहीं रहना चाहिए। इससे संबंधित ड्यूलिस्ट को अद्यतन करने का भी निदेश दिया गया।
एएनसी (एन्टी नेटल केयर) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन प्रखण्डों का औसत जिला के औसत से कम है वहाँ के बीएचएम को पूरा करने का निर्देश दिया। एकमा, सदर छपरा, रिविलगंज में औसत कम पायी गयी। जिलाधिकारी के द्वारा एएनसी के चैथा चरण का लक्ष्य 80 प्रतिशत दिया गया। वर्तमान में यह 57 प्रतिशत पाया गया।

सदर में अस्पताल में सुधार का निर्देश

सदर अस्पताल में भी इस संबंध में स्थिति सुधारने का निदेश डीएस और हास्पीटल मैनेजर को दिया गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निदेश दिया गया कि जननी बाल सुरक्षा योजना का कोई मामला लम्बित नहीं रहना चाहिए तथा संस्थागत प्रसव एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के लाभन्वितों की सूची ई-जननी पोर्टल पर अपलोड होना चिहिए।
आमनौर, दिघवारा, लहलादपुर, मशरख और पानापुर में इन्ट्री शून्य पायी गयी।

टीबी मरीजो की पहचान कर समुचित इलाज उपलब्ध कराएं

जिलाधिकारी के द्वारा टीबी के मरीजों की पहचान करने और उनका समुचित इलाज करने का निदेश देते हुए कहा गया कि इस सम्बंध में विकास मित्रों के साथ बैठक करे और महादलित टोलों में कैम्प लगायें। सारण जिला को 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है ।जिलाधिकारी के द्वारा डेंगू और चिकनगुनिया के बचाव हेतु जल जमाव वाले क्षेत्रों में टोमोफोस का छिड़काव कराने का निदेश दिया गया।

ग्लोबल आयोडीन अल्पता बचाव सप्ताह का आयोजन

बैठक में बताया गया कि 21 से 27 अक्टूबर के बीच विश्व आयोडीन अल्पता बचाव सप्ताह का आयोजन किया गया है जिसपर जिलाधिकारी ने कहा कि सभी लोगों को आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे कई विमारियों से बचा जा सकता है
जिलाधिकारी के द्वारा सभी स्थानांतरित एएनएम को 24 अक्टूबर तक हर हाल में नये पदस्थापन के स्थान पर योगदान कर लेने का निदेश दिया ।
बैठक में जिलाधिकारी के साथ प्रशिक्षु आईएएस वैभव श्रीवास्तव सिविल सर्जन डॉ माधवेश्वर झा, डीएस डॉ दीपक कुमार , डीसीएम बिजेंद्र कुमार सिंह, एमएनई भानू शर्मा, डीपीसी रमेश चन्द्र कुमार, डीपीओ आईसीडीएस वंदना पांडेय, सीडीपीओ, बीएचएम आदि उपस्थित थे।