
जमुई से मृगांक शेखर सिंह की रिपोर्ट:
जमुई में विकास उनके लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। एक बार जमुई की बेटी को आप लोग मौका देकर देखिए, बेटियां कभी घर नहीं छोड़ती है। यह बातें अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाज सह पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की पुत्री श्रेयसी सिंह ने जमुई से नामांकन करने के पूर्व अपने संबोधन में कही।

उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि उनके पिता स्व. दिग्विजय सिंह के अधूरे सपने को पूरा करना है। उन्होंने जमुई के लिए कई महत्वपूर्ण योजना की शुरूआत की थी, लेकिन असमायिक निधन के कारण अधूरी रह गई थी। इसके अलावा बिहार का भी विकास उनके लिएएक सपना है। बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय निशानेवाज श्रेयसी सिंह ने जमुई में भाजपा उम्मीदवार के रूप में अपने नामांकन का पर्चा भरा।
आगे उन्होंने बताया कि मैं अपने पिता के सपनों को आगे बढ़ाने का काम करूंगी। मुझे जमुई और बिहार दोनों से ही अथाह प्यार है। मैंने निशानेबाजी की प्रतियोगिता में देश के साथ-साथ जमुई और बिहार दोनों का नाम रौशन करने का काम किया है।
श्रेयसी ने कहा पापा के अधूरा सपने को पूरा करना भी मेरी प्राथमिकता
श्रेयसी ने कहा कि मेरे पापा राजनिति में रहते हुए देश-प्रदेश और समाज को लेकर काफी कुछ करने का काम किया था। उनके अधूरा सपने को पूरा करना भी मेरी प्राथमिकता में रहेगा।मैं बुजुर्गों से आशीर्वाद और युवाओं तथा महिलाओं का साथ चाहती हूं।मैं स्वयं खेल जगत से जुड़ी हूं। मैं पूरे जोश के साथ काम करूंगी. मेरी लड़ाई बिहार की भुखमरी, पिछड़ेपन और बेरोजगारी से है।
उन्होंने कहा कि मैं शिक्षा के साथ खेल का भी विकास करना चाहती हूँ। आज भी कई महिलाएं अशिक्षित होने के कारण अपने घरों में कैद हैं और वह दूसरों पर निर्भर है।मैं चाहती हूं कि बिहार के युवाओं को उनके राज्य में ही पूरे सम्मान के साथ रोजगार मिले ताकि वह अपने परिवार के साथ सही तरीके से रह कर अपना भरण-पोषण कर सकें।
बिहार राज्य में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं,सभी प्रतिभाओं को खोज कर निकलूंगी।
एनडीए प्रत्याशी श्रेयसी सिंह ने कहा मैं कला संस्कृति का भी विकास चाहती हूं।जमुई जिले में और बिहार राज्य में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। मैं सभी प्रतिभाओं को खोज कर निकालूंगी।




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