• चौपाल के द्वारा महादलित टोलों में फैलाई जा रही है जागरूकता
  • मेहसी, चकिया, हरसिद्धि, आदापुर, मोतिहारी, पिपराकोठी में लगातार लग रहे हैं चौपाल
  • आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर घर जाकर बच्चों के विषय में लेंगी जानकारी, साथ ही बचाव को करेंगी जागरूक

मोतिहारी, 8 अप्रैल। जिले में चमकी के मामलों में कमी के लिए स्वास्थ्य कर्मियों ने कमर कस ली है। चमकी के मामलों पर जिला स्वास्थ्य समिति के साथ राज्य स्वास्थ्य समिति की भी लगातार नजर है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जिले के मेहसी, चकिया, हरसिद्धि, आदापुर, मोतिहारी, पिपराकोठी समेत अन्य प्रखण्ड क्षेत्र में लगातार चौपाल लगाए जा रहे हैं। जिले के सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने बताया कि अब गर्मी व लू का असर जिले में देखने को मिल रहा है।  ऐसे में बच्चों को धूप से बचने व पेड़-पौधों के सड़े गले गिरे फल को न खाने देने की जिम्मेदारी बच्चों की माँ, पिता की है। उन्हें जिले की आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर घर जाकर चमकी बुखार से बच्चों के सुरक्षा के मद्देनजर उनके बचाव हेतु उपायों से अवगत कराएं। उन्हें निर्देश दिया जा रहा है कि घर घर जाकर बच्चों की स्थितियों का पता लगाएं। उन्हें चमकी से बचाव के उपाय बताएं। साथ ही चमकी के लक्षणों की जानकारी देते हुए उन्हें चमकी के केस में तुरंत मिलने वाली सहायता, दवा, एम्बुलेंस के सम्पर्क नम्बर डॉ के नम्बर, अस्पताल का कंट्रोल नम्बर उपलब्ध कराएं, ताकि इलाज में किसी भी तरह से देरी न हो। अगर मामला आए भी तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता प्रदान हो सके।

महिलाओं व बच्चों को चमकी के प्रति किया गया जागरूक:
जिले के चमकी प्रभावित प्रखंड मेहसी के महादलित टोला उझिलपुर वार्ड नं 01 और 02  में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार,  पंचायत समिति सदस्य राजू राम व केयर प्रखण्ड प्रबंधक दिनेश यादव के द्वारा महिलाओं व बच्चों को चमकी के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें चमकी बुखार के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई। साथ ही बच्चों को हैंडबिल देकर चमकी से बचाव के उपाय बताए गए। साथ ही स्वच्छता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई।

चमकी से बचने के लिए चौपाल जरूरी:
डीआईओ डॉ शरतचन्द्र शर्मा ने बताया कि ज्यादा गर्मी पड़ने पर चमकी के प्रति ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि जिले के तमाम मेडिकल टीमों को जन जागरूकता व मेडिकल व्यवस्था के साथ एईएस से लड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा चमकी से लड़ने के लिए चौपाल का  आयोजन जरूरी है। जागरूकता के द्वारा इस पर जीत हासिल होगी।

एईएस/चमकी से बचने हेतु सावधानियां:

  • बच्चे बेवजह धूप में घर से न निकलें।
    –  गन्दगी से बचें , कच्चे आम, लीची व कीटनाशकों से युक्त फलों का सेवन न करें।
  • ओआरएस का घोल, नीम्बू पानी, चीनी लगातार पिलायें।
  • रात में भरपेट खाना जरूर खिलाएं।
  • बुखार होने पर शरीर को पानी से  पोछें।
    –  पारासिटामोल की गोली या सिरप दें।
  • चमकी या बेहोशी होने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं।