गोपालगंज :शिक्षक ने पेश की अनूठी मिसाल, आंखें किया दान
# न्यूज़ इनपुट -धर्मेन्द्र कुमार

गोपालगंज:—-
जिला के हथुआ स्थित सैनिक स्कूल के हिंदी के 49 वर्षीय शिक्षक अखिलेश कुमार मिश्र ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने स्वेच्छा से रोटरी क्लब, गोरखपुर की सामाजिक संस्थान के सचिव प्रवीण आर्या को पत्र लिखकर अपनी आंखें दान करने की सहमति व्यक्त किया है। इनके इस निर्णय से इनकी धर्म पत्नी मांडवी मिश्र व दोनों बच्चे सहित पूरा परिवार अपनी सहमति इनको समर्पित किया है।अखिलेश कुमार मिश्र ने पत्र में लिखा है की मरने के पश्चात हमारी दोनों आंखे उनको लगाकर अंधेरे को उजाला दे दीजिएगा जिनको नयन के लिए भटकना पड़ता है।अपने लिखे पत्र में शिक्षक ने स्वेच्छा भाव से मरणोपरांत अपनी आंखें दान करने की सहमति भरा पत्र अंग एकत्रित करने वाले सामाजिक संस्थान को दिया है।शिक्षक अखिलेश कुमार मिश्र से हुई बातचीत में इन्होंने कहा कि मरने के बाद लोग शव का दाह संस्कार कर देते है। जबकि यदि मरणोपरांत मानव के अंग किसी के काम आ जाये। उसको उजाला मिल जाये तो इससे बड़ा परमार्थ क्या हो सकता है कि हम मरकर भी दूसरे के काम आ गए।मरने के कुछ घंटों तक हमारे अंग ठीक रहते है। ऐसे में इसका उपयोग किया जा सकता है।एक सवाल के जबाब पर गोरखपुर के मूल निवासी शिक्षक श्री मिश्र ने कहा कि हिंदी साहित्य के बड़े विद्वान व मेरे पूज्य गुरुदेव स्व. डॉ. परमानंद श्रीवास्तव ने भी अपनी मरणोपरांत दोनों आंखे दान में दिया था। इनकी प्रेरणा से मैने भी आंखे दान की सहमति बनाई है।इनके इस कदम से सैनिक स्कूल परिवार इनको धन्यवाद दिया।वैसे वरीय अध्यापक श्री मिश्र ने अध्ययन अध्यापन के क्षेत्र में कई उपलब्धियां प्राप्त किया है।