गोपालगंज। थाना में जब्त शराब की सप्लाई किए जाने के मामले में आरोपित तत्कालीन कुचायकोट थानाध्यक्ष रितेश सिंह के अग्रिम जमानत याचिका को द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश के न्यायलय ने सोमवार को खारिज कर दिया। तत्कालीन थानाध्यक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि इस आदेश के विरुद्ध वे पटना उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर करेंगे।जानकारी के अनुसार गत दो अगस्त की रात्रि कुचायकोट थाना में जब्त शराब की एक पिकअप पर लाद कर सप्लाई करने को लेकर वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद यह खबर मीडिया में आते ही तत्कालीन थानाध्यक्ष रितेश सिंह थाना छोड़कर फरार हो गए। वरीय पुलिस पदाधिकारियों के निर्देश पर जब पूरे मामले की छानबीन कराई गई तो इस बात का खुलासा हुआ कि उत्पाद अधिनियम के विभिन्न मामलों में जब्त कर शराब थाना लाए जाने के बाद उसमें से सैकड़ों शराब की बोतल गायब हो गई थी। कई दिनों तक चली जांच तथा जब्त शराब को मिलाए जाने के बाद इस मामले में कुचायकोट थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष रितेश सिंह तथा थाने में तैनात एक अन्य पुअनि सहित छह लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई। प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही पुलिस ने थाने में तैनात पुअनि तथा चौकीदार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लेकिन थानाध्यक्ष पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके। सितंबर माह में तत्कालीन थानाध्यक्ष की ओर से द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश के न्यायालय में अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत याचिका दाखिल किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने तत्कालीन थानाध्यक्ष को अग्रिम जमानत देने से इन्कार करते हुए उनके आवेदन को खारिज कर दिया।