“कैसा हो आपका सांसद” पर बोले युवा, सबकी सुनने वाला, शिक्षित व जवाबदेह हो हमारा सांसद

(कैसा हो आपका सांसद पर युवाओं ने रखी अपनी राय)
दैनिक खोज खबर डेस्क, सारण
“कैसा हो आपका सांसद” पर निकुंज कुमार की राय
भारत दुनिया का सबसे युवा देश है,लेकिन राजनीति से युवाओं का मोहभंग हो गया है,ऐसा जनप्रतिनिधियों के अपेक्षा-आकांक्षाओं पर खरे नहीं उतरने के कारण है। मेरे विचार से सांसद का जनता से जुड़ाव जरूर होना चाहिए।वह जीतने के बाद जनता की अनदेखी बिल्कुल न करे। वह एक सांसद नहीं बल्कि लोकसेवक के तौर पर काम करे और समाजसेवा के संकल्प को पूरा करे। वह जनता के प्रति जवाबदेह और क्षेत्र के विकास कराने की क्षमता को रखता हो।
सांसद देश के कानून बनाते हैं, ऐसे में उनका पढ़ा-लिखा होना बहुत जरूरी है। लोगों को आमतौर पर उनसे शिकायत रहती हैं कि वे मिलते नहीं हैं। सांसद का जनता के करीब होना बहुत जरूरी है।किसी व्यक्ति विशेष को छोड़ दें तो ज्यादातर सांसद जीतने के बाद गांवों का रुख नहीं करते। ना ही वहां जाते हैं जबकि सांसद को लोगों से लगातार संवाद रखना चाहिए, क्योंकि ऐसा करके ही वह लोगों को दिल जीत सकता है।
साथ ही सासंद का युवाओं से जुड़ाव जरूर होना चाहिए, ताकिे युवा उनसे अलग-थलग महसूस अपने आप को न करें।
निकुंज कुमार, छपरा से

“कैसा हो आपका सांसद” पर स्नेहा किरण की राय
बेहद प्रासंगिक विषय..!! शीर्षक सुनते ही मुझे प्रसिद्ध हिंदी फिल्म -” पान सिंह तोमर ” में नायक का कहा संवाद याद आ गया- ” बीहड़ में तो बागी होते है ; डकैत तो संसद में होते है..” !! सिनेमा समाज का दर्पण है। मुझे उम्मीद है की हमारे सांसद को ऐसा होना चाहिए की उसके किरदार पर बड़े बड़े संवाद- लेखक भी ऐसे संवाद दोबारा लिखने की हिम्मत न कर सके। जाति- धर्म व क्षेत्रवाद की सरहद से ऊपर,शिक्षित,संवेदनशील जो वास्तव में अपनी पार्टी का नहीं बल्कि जनता का प्रतिनिधि हो ,जो माँ-बहनों की सुरक्षा से कहीं अधिक उनके सशक्तिकरण की चिंता करे ; अनाज, साफ़ पानी, बिजली ,सड़क ,अस्पताल और शिक्षा जिसका असली एजेंडा हो ; जिसे अपने क्षेत्र की सामाजिक ,आर्थिक तथा भौगौलिक परिवेश का व्यावहारिक ज्ञान हो ; जो किसी भी आपराधिक मामलों से मुक्त हो , जो समस्या का नहीं बल्कि समाधान का हिस्सा हो ,जो राजनीति में नवाचार लाए ,वैसा नवाचार जो सबके लिए हितकारी हो । ऐसा हो हमारा सांसद..!!
स्नेहा किरण, अररिया से

“कैसा हो आपका सांसद” पर तारिक अनवर की राय
छपरा लोकसभा से हमारा सांसद ऐसा हो जिसमें कार्य करने की क्षमता, उसकी नियत, परिश्रम, समर्पण, कर्तव्यनिष्ठता, सेवाभाव और उसकी ईमानदारी उसके पार्टी, धर्म, जाति और समुदाय से ऊपर हो । हमारा सांसद निःस्वार्थ और निष्पक्ष हमारे हक़ व हकूक के लिए संसद में हम सब की आवाज़ बनें । वो खुद अपने आपको पहले नागरिक समझे फिर सांसद ।
ज्यादा कुछ नहीं चाहिए बस ग़म के पलों में मेरा कांधा बन जाये तो खुशी के पलों में बने मेरे लबों की मुस्कान । यही है आशा और अभिलाषा, ऐसा हो मेरा सांसद और यही हो उसकी पहचान ।।
तारिक़ अनवर, छपरा

“कैसा हो हमारा सांसद” पर अनूप कुमार की राय
हमारा सांसद हर जाति धर्म की बात सुनने वाला हो ।
आम जनता की समस्याओं से अवगत हो और उसका समाधन जल्द से जल्द करे ।
हमारा सांसद हमारा हो ऐसा सभी लोगों को लगे ।
जो बेरोजगारी की बात करें और उसे दूर करने के बारें में सोचें ।लघु उद्योग की स्थापना करने में अपनी मुख्य भूमिका आदा करे ।कुछ लोग जो सांसद महोदय के साथ रहते हैं वो गलत रीपोर्ट भी दे देते हैं ऐसे में सांसद महोदय का कर्तव्य बनता है की आम लोगों से मिले और कम से कम हरेक सप्ताह में प्रतेक पंचायत या प्रखंड में जनता दरबार लगा कर लोगों की समस्या सुने और उसका समाधन करें ।चुकी जैसे एक पंचायत का मुखिया अगर चाहे तो अपने पंचायत का सर्वागीण विकास कर सकता है । उसी तरह अगर सांसद चाहे तो अपने क्षेत्र का सर्वागीण विकास कर सकते हैं ।
मुख्य रूप से बेरोजगारी,शिक्षा,स्वास्थ पर अगर ज्यादा ध्यान दे तो और समस्या अपने आप खत्म हो जायेगी ।विशेष कर देश की रीढ़ युवा पीढ़ी पर विशेष ध्यान देना होगा युवाओं के लिए मार्गदर्शन केन्द्र की स्थापना करना होगा ऐसा ही सांसद सही सांसद हैं ।
अनूप कुमार, छपरा

नोट : “कैसा हो आपका सांसद” मुद्दे पर आप भी अपनी राय हमे प्रेषित कर सकते हैं. आप अपनी राय अपनी तस्वीर के साथ हमें 7870008000 पर अथवा Vinit.prabhat@gmail.com पर भी भेज सकते हैं.





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