कश्मीरी युवक को जीप पर बांधकर घुमाने वाले सैन्य अधिकारी को भारत सरकार ने दिया इनाम
अब्दुल मुत्तलिब रज़ा ( Edited by आज़ाद नेब )
भारत की सरकार ने उस सैन्य अधिकारी को पुरस्कृत किया है जिसने एक कश्मीरी युवक को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया था।
प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार एक भारतीय सैन्य अधिकारी जिसने कुछ सप्ताह पहले एक कश्मीरी युवक को जीप में बांध कर मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में देखा गया था, भारत सरकार ने ऐसे अमानवीय कार्य करने वाले सैन्य अधिकारी मेजर नितिन गोगोई को पुरस्कृत किया है जिसके बाद देशभर में विवाद ख़डा हो गया है।
दूसरी ओर भारत की मोदी सरकार के इस अमानवीय क़दम के बाद देश की एक सैन्य अदालत ने भी अपने एक आदेश में न केवल सैन्य अधिकारी को सज़ा नहीं दी बल्कि उसके इस अत्याचारपूर्ण कार्य को सराहा और उसे इनाम दिया है।
उल्लेखनीय है कि जिस कश्मीरी युवक को सैन्य चीप पर बांधकर मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया गया था उसके बारे में यह भी साबित हो गया था कि वह सेना पर पत्थर मारने वालों में शामिल नहीं था। भारत सरकार और सेना द्वारा मानावाधिकारों का उल्लंघन करने वाले सैन्य अधिकारी को सम्मान दिए जाने के बाद पूरे भारत में लोगों ने धरना प्रदर्शन आरंभ कर दिया है। सरकार व सेना के इस क़दम की चौतरफ़ा निंदा हो रही है।
ज्ञात रहे कि 9 अप्रैल को कश्मीरी युवक फ़ारूक़ अहमद को सैन्य जीप के आगे बांधे जाने की घटना सामने आई थी। इस बीच मोदी सरकार ने भारत प्रशासित कश्मीर में सोशल मीडिया पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है ताकि इस क्षेत्र की जनता के विरोध की आवाज़ दुनिया तक न पहुंच सके।




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