कड़ी मेहनत के बदौलत शिवाजीनगर का लाल सत्यनारायण शर्मा बना दरोगा, गांव में जश्न

रिपोर्ट:केशव बाबू/रोसड़ा(समस्तीपुर)सूरज की तपिश और बेमौसम बरसात को हमने हंस कर झेला है मुसीबतों से भरे दलदल में हमने अपनी जिंदगी को धंस कर ठेला है।उक्त बातें रोसड़ा अनुमंडल के शिवाजीनगर प्रखंड के रजौर गांव निवासी स्वर्गीय शंकर शर्मा व माता तिलोत्तमा देवी का बेटा सत्यनारायण शर्मा ने कहा सत्यनारायण शर्मा अपनी गरीबी को बहुत नजदीक से देखा है।हालात सही नहीं होने के बावजूद भी अपनी कड़ी मेहनत कर दरोगा पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।सत्यनारायण अपनी पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण भी कड़ी मशक्कत और अपनी मेहनत के बदौलत यह मुकाम हासिल किया है।सत्यनारायण शर्मा दो भाई तीन बहने हैं।सत्यनारायण शर्मा जब इंटर में थे तभी उनके पिता जी का देहांत हो गया।जिसके बाद घर चलाना काफी मुश्किल हो गया था।लेकिन सत्यनारायण अपनी पढ़ाई जारी रखें।उनकी माता तिलोत्तमा देवी ने सिलाई कढ़ाई कर किसी तरह अपना परिवार चलाती है।सत्यनारायण शर्मा अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही स्कूल उत्क्रमित मध्य विद्यालय राजौर रंगाराही से व स्नातक डिग्री कॉलेज शिवाजी नगर से किये हैं।वहीं प्रतियोगिता परीक्षा की शुरुआत तैयारी न्यू सक्सेस मिशन क्लब शिवाजीनगर से कर 2005 में बिहार पुलिस सिपाही पद पर चयन हुआ।वे भागलपुर में जिला बल में दंगा दस्ता में कार्यरत रहते हुए अपनी ड्यूटी के अलावा जो भी समय मिलता पढ़ाई करते अपनी पढ़ाई जारी रखें।और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित दरोगा की परीक्षा पास की उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और प्रेरणा स्रोत रहे सौरभ वाचस्पति मामा जी को देते हैं।जिनके समय समय पर सहयोग और प्रयास के करण ही उन्होंने इस मुकाम हासिल की है। सतनारायण शर्मा ने कहा कि अगर इंसान में कुछ कर गुजरने की सोच हो तो कड़ी मेहनत के साथ उसे प्राप्त किया जा सकता है।उनका मानना है कि अगर इंसान हमेशा प्रयासरत रहे तो सफलता एक दिन मिलनी तय है।सत्यनारायण शर्मा बीपीएससी की भी परीक्षा पास की है और उनका लक्ष बीपीएससी है।उनका चयन दरोगा में होने से उनके चाचा पप्पू शर्मा,मामा ओम प्रकाश शर्मा व न्यू सक्सेस मिशन क्लब सहित कई लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।