मांझी(सारण)। उत्तराखंड के चमोली में रविवार को ग्लेशियर टूटने से हुई भीषण त्रासदी में तपोवन बिजली प्रोजेक्ट में कार्यरत दाउदपुर थाना क्षेत्र के बरवां नाथा सिंह के टोला निवासी 46 वर्षीय मुन्ना सिंह का शव 13 दिन बाद रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शनिवार की रात बरामद कर लिया गया। जेब से बरामद आधार कार्ड व कम्पनी के आई कार्ड से मृतक की पहचान हुई। वहीं उनके पॉकेट से मोबाइल फोन भी बरामद हुआ। हाथ की एक अंगुली में पहनी लोहे की अंगूठी मिली है। जानकारी मिलने के बाद एक बार फिर परिजनों में हाहाकार मच गया है। स्व. विन्देश्वरी सिंह के 46 वर्षीय पुत्र मुन्ना कुमार सिंह की पत्नी ममता देवी का जहां रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं बेटी 22 वर्षीय आरजू सिंह,19 वर्षीय काजल,16 वर्षीय मनीषा व पुत्र 14 वर्षीय लक्ष्य कुमार के आंख से भी आंसू नही सुख रहे। बता दें कि विगत 7 फरवरी को हुई त्रासदी के वक्त मुन्ना कुमार सिंह फोन पर परिजनों से बात कर रहे थे। तभी फोन के साथ साथ अचानक जीवन का डोर कट गया और मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा। उसके बाद टेलीविजन सहित विभिन्न समाचार माध्यमों से उत्तरांचल में दिल दहला देने वाली हृदयविदारक घटना की जानकारी मिली। तब से परिजनों को उनके सुरक्षित मिल जाने का इंतजार था। मगर भगवान को यह मंजूर नही हुआ। परिजनों ने बताया कि शव को गांव पर लाने की कानूनी औपचारिकता पूरी की जा रही है।