इस्राईल की क्रूरता और फ़िलिस्तीन में सिसकता बचपन
फ़िलिस्तीनी बच्चों की गिरफ़्तार और उनको जेल में डालने की प्रक्रिया पर नज़र दौड़ाने से यह पता चलता है कि फ़िलिस्तीन बच्चों के साथ ज़ायोनी शासन कैसा व्यवहार करता है।
यहां पर आपको यह बताते चलें कि फ़िलिस्तीनी बच्चों के विरुद्ध जातिवाद की यह कटु घटना, उनके जन्म से ही आरंभ हो जाती है और 1948 की धरती में फ़िलिस्तीनी माओं को प्रसव के समय यहूदी माओं से अलग कर दिया जाता है।
18 वर्ष के कम आयु के फ़िलिस्तीनी बच्चों की गिरफ़्तारी की प्रक्रिया में ज़ायोनी कट्टरपंथियों के हाथों मुहम्मद अबू ख़ुज़ैर की पाश्विक हत्या के बाद तेज़ी आ गयी। इस अपराध पर अवैध अधिकृत बैतुल मुक़द्दस और पश्चिमी तट के युवाओं ने भारी आपत्ति जताई।




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