
परसा(सारण)।थाना क्षेत्र के सगुनी गाँव निवासी रंजीत ठाकुर के घर में उस समय चीख पुकार से गूंज उठा।जब रंजीत ठाकुर का 40 बर्षीय सैनिक पुत्र हवलदार आनंद कुमार का उपचार के दौरान मृत्यु होने की खबर दूरभाष पर मिली।मृत्यु की खबर मिलते ही परिजनों समेत गाँव में शोक की लहर दौड़ गई।मृत्यु की खबर मिलते ही पिता रंजीत ठाकुर,माता प्रमिला देवी,पत्नी मीरा देवी,पुत्र अभिषेक,गोलू शीलू भाई अरुण कुमार,अमित कुमार,चाचा भरत ठाकुर,ध्रुप ठाकुर तथा गौतम ठाकुर का रो रो कर बुरा हाल था।
तीन बर्षो से हवलदार आनंद था कोमा में
हवलदार के पिता रंजीत ठाकुर ने बताया कि गत बर्ष 2018 के 27 अगस्त को ड्यूटी के दौरान सड़क दुर्घटना में आनंद कुमार बुरी तरह घायल हो गया था।उस समय निजी क्लिनिक में उपचार कराया गया।कुछ दिनों बाद से डिमापुर के सुकोभी हॉस्पिटल में उपचार जारी था।लगभग तीन साल से ज्यादा दिनों तक कोमा में रहने के बाद शनिवार की शाम विभाग के पदाधिकारी द्वारा असामयिक निधन होने की सूचना दिया गया।पिता ने बताया कि विभागीय करवाई करने के उपरांत आनदं का पार्थिक शरीर सोमबार को सैनिक के पदाधिकारी द्वारा पैतृक आवास सगुनी लाया जाएगा। पिता ने बताया कि आंनद कुमार बर्ष 2000 में जमशेदपुर से 8 असम राइफल में सैनिक के पद पर योगदान किया गया।
तीन भाइयों में सबसे बड़ा भाई था आनंद
थाना क्षेत्र के सगुनी निवासी रंजीत ठाकुर के तीन पुत्रो में सबसे बड़ा पुत्र था आनंद,जो बचपन से ही देश की सेवा करने की भावना था।देश की सेवा की भावना से सैनिक बहाल कर सेवा करने की जिज्ञासा ने पिता को सैनिक में योगदान कराने पर मजबूर कर दिया।जबकि दो भाई अरुण कुमार तथा अमित कुमार जेनरल जॉब करते है।
सांत्वना देने के लिए पूरे दिन लगी रही ताता
सामाजिक लगाव रखने वाला तथा देश की सेवा करने वाले हवलदार आनंद की असामयिक निधन की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई।निधन की खबर मिलते ही स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि ब्रजेश सिंह,जीप प्रतिनिधि अमित सिंह,भाजपा जिला महासचिव अनिल कुमार सिंह,पूर्व सरपंच प्रतिनिधि अशोक मांझी,युवा नेता दीपक कुमार सिंह ,जदयू नेता इंद्रभूषण सिंह भाजपा नेता अर्जुन सिंह आदि सैकड़ो जन प्रतिनिधि तथा आम जनता ने पहुँच परिजनों से मुलकात कर घटना के संबंध में जनकारी लिया तथा परिजनों को दुख की घड़ी में सांत्वना दिया।




Recent Comments