विश्व में ईरान के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए सऊदी अरब, अमरीका की हर बात मानने के लिए तैयार

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सऊदी अरब का कहना है कि वह इलाक़े में ईरान के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अमरीका के साथ मिलकर काम करेगा। वरिष्ठ सऊदी सैन्य अधिकारी जनरल अहमद हसन असीरी ने कहा है कि रियाज़ ईरान के ख़िलाफ़ डोनल्ड ट्रम्प के कड़े रुख़ का समर्थन करता रहेगा।
ग़ौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने अपने चुनाव प्रचार में आतंकवाद के समर्थन को लेकर सऊदी अरब के ख़िलाफ़ कड़ा रुख़ अपनाने का वादा किया था, लेकिन सत्ता संभालते ही वह भी सऊदी पैट्रो डॉलर्स की चकाचौंध में गुम हो गए।
हाल ही में सऊदी युवराज के उत्तराधिकारी एवं रक्षा मंत्री मोहम्मद बिन सलमान के साथ व्हाइट हाउस में मुलाक़ात में ट्रम्प ने सऊदी अरब की नीतियों का समर्थन जारी रखने की बात कही थी।
सऊदी अरब और अमरीका ऐसी स्थिति में आतंकवाद से मुक़ाबले और ईरान की दुश्मनी का दम भरते हैं, जब यह दोनों देश विश्व में आतंकवाद के सबसे बड़े समर्थक हैं, जबकि ईरान आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में अग्रणि है।
सीरिया और इराक़ की सराकरों का आरोप है कि सऊदी अरब और उसके घटक देश उनके देशों में तकफ़ीरी आतंकवाद और चरमपंथ का समर्थन कर रहे हैं।
दूसरी ओर रियाज़ पिछले 2 वर्षों से अपने पड़ोसी और मध्यपूर्व के सबसे निर्धन देश पर बमों की बारिश कर रहा है। इसके बावजूद, विश्व में मानवाधिकारों का दावा करने वाले अमरीका और उसके सहयोगियों के कान पर जूं तक नहीं रींगती।