आहो रामऽ कंठे सुरवे,कंठे सुरवे होखऽ ना सहइया हो रामऽ
⏩भोजपुरी व्यंग्य;चाय खाना में चाय के चुस्की में राजनीति के तड़का
✍परमार अखिलेश ⏩शनिचर के संझलउका भटेसर के भकाभक लाइटर से फकाफक उड़त लुत्ती आऽ चटाचट बर्गर के संगे चटनी चिखत नगेसर संजय के चायखाना चहूँपलन रेघावत’जोगी बाबा जोगवा जगावें आहो रामऽ गोरखपुर से——ऐने गाबरा कब माने वाला रहल सप्तम में चइता शुरू कइलस’रामजी अब करीं ना सहइया हो रामऽ कंठे सुरवे मंदिर बनावादीं ओही ठईंया ऐ रामऽ —–।
नगेसर पासवान बनाम गबर पेंटर में दूगोला नधा गइल। लाली छक्का के पाऊटी में दूनहुं व्यास बेंच आ डिब्बा पर ताल देवेन्द्र लगलन।ताले एगो आरपीएफ के सिपाही छुलाछन भुंजावाला के हुरपेटलस’टिशन कैम्पस में रेड़ी लगाता है!बिना मालगुजारी के देख रूल हूल देंगे कि सिटी बजावत आजमगढ चला जाएगा ।
छुलाछन कहलन’हरियाणा के दारू —-सिपाही जी एकही मुट्ठी चना बादाम चिउरा रूमाल में लेके कहलन’गवारी बाडे आवऽडेरा पड़ चउचक पिहे’होतीं अन्हेरा करिहे इंग्लिश से मनफेरा हम्मर डेरा चलिहे–।छुलाधन भरभुज्जा कहलस’हमरा बदे नगेसर पासवान के ताड़ी निकहा बा।एही बीच दुकानदार दूनो व्यास लोगिन के चाय दिहल आ कहल’ई चायखाना हऽ मायखाना ना,यूपी चल जाऽ। ताले रवीन्द्र नेता ,महेश मिसिर, देवेन्द्र यादव विकास पटेल चहूँपलन रेड़ी वाला से चबेना लेके चाय के आॅडर देलन। देवेन्द्र कहलन ‘कसाईखाना बंद होता यूपी में तऽ बिहार के नेता लोग के काहे बेचैनी? बेरोजगार लोग राममंदिर अयोध्या कृष्ण मंदिर मथुरा में काम पर लग जाइहें।
दूध दही के नदी बही,एनहुं भेंटाई। महेश बाबा कहलन’इहां तऽ बिजली कटउती शुरू हो गइल। एकर बिरोध होखे के चाहीं। ताले छिलनदेव ठाकुर मटिहानी टुभुकलन’दहार के नगदी भेटाइए गइल। बाकी साहेब लोग के पिटाई भइल नूं। बिकास कहलन ई सुशासन बा बैंक लूट होते बा। पिअकर पीके मेहरारू बच्चा के काटते मारत बा। राम टहल कहलन’ ईहऊं चाहता अडुसना नंद स्वामी के चुनाव लडेके नगर पंचायत के मुख्य पार्षद बनस।गिरिश लोहिया वीरेन्द्र नाहर उप आ प्रमुख होखस। नगर के दुख दलिद्दर पाकिस्तान चल जाई। अचके हचका खाता बेदामी किन्नर बसंती छक्का सगे थपड़ी पाड़त रवीन्द्र नेता के पंजेठ लिसलस’हमनी के देइदऽ पथलिया ए साहेब–‘।
बावसीर से बानी हलकनिया ए साहेब। महेश बाबा कहलन ‘एतबार के अइहऽलोगिन 200ग्राम घिउ लेके फजिरहीं चहुंप जइहऽ दिआरा पर देवास में 14आना तऽसटावते मातर ठीक हो जाई,बाकिर अगिला एतवार के सोबरन हो जइबऽ। होखें दऽ बिहान बाबा तोहरे इहां आईब चढाइब चढावा हम लडुइया हो रामऽ दियरा पर। रात होके लागल नगेसर पासवान कहलन ‘बलसा ताड़ी रतन करी, चिखना बूंट पिसान। इहो छिनाता गरीबन से काऽ करिहन बिलास पासवान । सभे तिअन तरकारी लेके घरमुँहा भइल। नगेसर आ गबर अर्जुन के मोबाइल दुकान में खेसरिया के चइता लोड कराके दस के रेजगारी दिहलन आऽ दूनहु किन्नरन संगे चल दिहलन।




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