किशनपुर पंचायत मे विकास कार्यों के नाम पर हुई घपलेबाजी
ए.के.केशकर
फतेहपुर 19 अप्रैल। किशनपुर नगर पंचायत में विकास कार्यो के नाम पर हुई कथित घपलेबाजी का मामला मुख्यमंत्री की चौखट पर पहुंच गया। कस्बा निवासी उमाशंकर ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंचकर उन्हे अब तक की गई शिकायतों तथा उन पर हुई कार्यवाही से अवगत कराया है।
नगर पंचायत के अंदर पथ प्रकाश, डूडा द्वारा कराए गए विकास कार्य तथा बिना फाउंडेशन हैंडपंप लगवाने के काम में हुई धांधली की शिकायत मुख्यमंत्री को देते हुए शिकायतकर्ता ने शासन स्तर पर जांच कमेटी गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। शिकायतकर्ता ने बताया कि विगत दो वर्ष से वह शासन-प्रशासन के अधिकारियों से धांधली की शिकायत लगातार करता आ रहा है। वार्ड सभासदों के शपथ पत्र के साथ शिकायत की जाती है। जांच के नाम पर स्थानीय अधिकारी मामले की लीपापोती कर देते हैं। लाखों रुपए की घपलेबाजी के बाद भी दोषी संस्था, अधिकारी, कर्मचारियों के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव राहुल भटनागर को उक्त मामले में आवश्यक जांच कराते हुए कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
क्या है मामला
1- वर्ष 2014-15 में नगर पंचायत के अंदर पांच प्रमुख रास्तों पर डूडा द्वारा विकास कार्य कराए गए। विभागीय अधिकारियों द्वारा मिले जवाब में उक्त कार्यो में 115.24 लाख रुपए खर्च हुए जबकि 171.96 लाख रुपए की कार्ययोजना मंजूर थी। शिकायतकर्ता की मानें तो आरटीआई से मिले प्रति वर्ग मीटर खर्च के हिसाब से मात्र 56.93 लाख रुपए ही खर्च होते हैं।
2- वर्ष 2015-16 में नगर पंचायत को 28 मार्च 2016 को शवदाह गृह में लाइट, नाली तथा सड़क बनवाने के लिए 100 लाख रुपए स्वीकृत हुए। जिसमे आज तक काम शुरु नहीं हो सका।
3- नगर पंचायत के अंदर पंप हाउस न. तीन की सुरक्षा हेतु बाउंड्री बनवाने के लिए 12 लाख रुपए खर्च किए गए। जबकि मौके पर एक भी ईट नहीं लगी।
4- वर्ष 2013 के बाद नगर पंचायत किशुनपुर में लगवाए गए




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