सिवान : सोमवार को विद्या की देवी माँ सरस्वती की पूजा अर्चना
◆पूजा को ले स्कूलों में गजब का जूनून देखने को मिल रहा छात्र-छात्राओं मे।
◆शहर के महाराजगंज सेन्ट्रल स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन अनुमंड़ल पदाधिकारी करेगे।
#परवेज अख्तर

महाराजगंज /सीवान
विद्या की देवी सरस्वती पूजन उत्सव को लेकर सरस्वती प्रतिमा बनाने वाले कलाकार प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे है वहीं निजी विद्यालयों में मां सरस्वती के पूजा पंडाल छोटे-छोटे पूजा स्थलों को सजाने में बच्चों का गजब का जुनून देखा गया बताते चलें कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी शहर के महाराजगंज सेंट्रल स्कूल महाराजगंज में सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन अनुमंडल पदाधिकारी के कर कमलों द्वारा होता है जो सोमवार को 11:30 बजे होगा जिस के मुख्य अतिथि अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजीत कुमार प्रभात भूमि उपसमाहर्ता मधुसूदन प्रसाद अनुमंडलीय लोक जन शिकायत निवारण पदाधिकारी रविन्द्र कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी रवि कुमार, प्रखंड अंचल पदाधिकारी रवि राज, तथा प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी रवि कुमार होंगे।
विदित हो कि महाराजगंज सेंट्रल स्कूल महाराजगंज में सरस्वती पूजा विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं तथा छात्रों के बीच भव्य तरीके से मनाया जाता है । जिसमें शहर के प्रशासनिक पदाधिकारियों इलाके के गणमान्य लोगों की मौजूदगी में पूजा विधि विधान से किया जाता है, तथा बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत की जाती है।
पुरे देश भर में बसंत पंचमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाने की परम्परा है। ऐसा वर्णन है कि बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी सरस्वती का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन सरस्वती पूजा का विधि विधान है । इस दिन से बसंत ऋतु का प्रारंभ होता है, यूं तो भारत में छह ऋतुएं होती हैं लेकिन बसंत को ऋतुओं का राजा कहा जाता है। इस दौरान मौसम सुहाना हो जाता है और पेड़-पौधों में नए फल-फूल पल्लवित होने लगते हैं। इस दिन कई जगहों पर पतंगबाजी भी होती है। ऋतुराज बसंत का बड़ा महत्व है।कड़कड़ाती ठंड के बाद प्रकृति की छटा देखते ही बनती है।गुलाबी ठंड मौसम को सुहाना बना देती है। यह ऋतु सेहत की दृष्टि से भी बहुत अच्छी मानी जाती है। मनुष्यों के साथ पशु-पक्षियों में नई चेतना का संचार होता है।हिंदू मान्यताओ के अनुसार इस दिन देवी सरस्वती का जन्म हुआ था इसलिए हिंदुओं की इस त्योहार में गहरी आस्था है। कुछ स्थानों पर इस दिन पवित्र नदियों में स्नाना का विशेष महत्व है। विद्यालय में पूजा पंडालों का अंतिम रूप देने में गुड्डू कुमार, निलेश सिंह, अभिषेक रंजन ,रिया कुमारी , परवेज आलम, विकास राम, आशिक अली, आयुष कुमार, प्रताप सिंह तान्यकुमारी, मीस्टू गोस्वामी,माही प्रताप,प्रिंस कुमार, अनुग्रह कुमार के अलावे सैकडों छात्र-छात्राएं मौजूद रही।




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