सिवान :शोषणवादी शासन के विरुद्ध महासंघ ने “शिक्षक अधिकार महापंचायत” में छेड़ी जंग
👉 दोषपूर्ण शिक्षा नीतियों के कारण शिक्षक समाज उपवास के पात्र
👉 बिहार की शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करना गौरव की बात
👉 सरकार दमनकारी नीतियों से बाज आए
👉 राष्ट्र का निर्माण व प्रलय शिक्षक की गोद में खेलते है
👉 वाजिब हक के लिए आर-पार की लड़ाई लड़े शिक्षक
👉 शिक्षकों का हक दिलाने के लिए महासंघ कृतसंकल्पित
👉 उपेन्द्र भाई के मंच पर आते हैं जयकारों से गूंजा वातावरण
#न्यूज़ इनपुट -परवेज़ अख्तर

सीवान-: सुप्रीम कोर्ट में अंतिम व निर्णायक जीत के मंसूबों को लेकर शहर के टाउन हॉल में “शिक्षक अधिकार महापंचायत” कार्यक्रम का ऐतिहासिक आगाज किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि काबीना मंत्री बिहार सरकार अवध बिहारी चौधरी व विशिष्ट अतिथि एमएलसी सारण स्नातक के वीरेंद्र नारायण यादव ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया। अध्यक्षता परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार यादव व मंच का संचालन उदय नारायण सिंह ने किया। रंग-बिरंगी परिधानों में सजी राजवंशी देवी हाई स्कूल की बालिकाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथि एवं दर्शकों के बीच समा बांध दिया।
*👉 गलत नीतियों के कारण शिक्षक समाज उपवास के पात्र*

अवध बिहारी चौधरी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अनगिनत व्यक्तियों ने सर्वोच्च पदों पर आसीन होकर बुलंदियों को छुआ है। वर्तमान सरकार की गलत शिक्षा नीतियों के कारण आज शिक्षक समाज उपहास का पात्र बना हुएं हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केवल झूठे ढिंढोरा पीटे जाते हैं। आये दिन शिक्षा में नए नए असफल प्रयोग व परिवर्तन हो रहे हैं। जो अस्थिर व दोषपूर्ण शिक्षा-व्यवस्था का दुष्परिणाम हैं। इन नियोजित शिक्षकों ने ही ग्रामीण इलाकों में ज्ञान का दीप जलाया है। बगैर शिक्षकों के सम्मान दिए शिक्षा का विकास असंभव है।

*👉 बिहार की शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करना गौरव की बात*
प्रोफेसर विरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि जिस राज्य ने हमारे देश को सर्वप्रथम राष्ट्रपति दिया उस राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना गौरव की बात होगी। उन्होंने शिक्षकों के पक्ष में जोरदार समर्थन करते हुए कहा कि मेरी पूरी सहानुभूति शिक्षकों के साथ हैं। समान काम के लिए समान वेतन दिलाने के लिए मैं हर संभव प्रयासरत हूं। शिक्षकों के इस ऐतिहासिक लड़ाई में, मैं सरकार के साथ नहीं बल्कि सौ फीसदी राष्ट्र निर्माता शिक्षकों के साथ हूं।
*👉 सरकार दमनकारी नीतियों से बाज आए*
प्रदेश प्रवक्ता देवेंद्र सिंह ने बिहार सरकार व अधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए शिक्षकों के साथ हो रहे सौतेलेपन व शोषणकारी नीतियों की तीव्र भर्त्सना की। उन्होंने शिक्षकों के शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना को लेकर बरसते हुए बोले सरकार दमनकारी नीतियों के घमंड के घोड़े से नीचे उतरे अन्यथा प्रदेश के नियोजित शिक्षक एकजुट हुए तो में भूचाल आ जाएगा।
*👉 राष्ट्र का निर्माण व प्रलय शिक्षक की गोद में खेलते हैं*
प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य राजीव कुमार ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि शिक्षक को साधारण व निरीह प्राणी सोचने की भूल न करे सरकार। राष्ट्र का निर्माण व प्रलय शिक्षक की गोद में खेलते हैं। चाणक्य भी एक शिक्षक ही थे। जिसने नंद वंश का समूल नष्ट कर दिया।
*👉 वाजिब हक के लिए आर-पार की लड़ाई लड़े शिक्षक*
प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने कहा कि वर्तमान चीख-चीखकर पुकार रहा है कि शिक्षक आर-पार की लड़ाई लड़े। अपनी अस्मिता व सम्मान की अंतिम व निर्णायक लड़ाई लड़ें। उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि या तो सरकार समान काम के लिए समान वेतन दें अन्यथा हर मोर्चे पर भारी विरोध झेलने को तैयार रहें। अब शिक्षक किसी भी शर्त पर न तो पीछे हटने वाले हैं और न ही अपना वाजिब हक छोड़ने वाले हैं। दुनिया की कोई भी ताकत अब समान काम के लिए समान वेतन लेने से नहीं रोक सकती।
*👉 सुप्रीम कोर्ट में शिक्षकों की जीत सुनिश्चित*
प्रदेश संयोजक श्री प्रणय कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायादेश का पालन करते हुए नियोजित शिक्षकों को पटना हाई कोर्ट ने समान काम के लिए समान वेतन देने का आदेश का फैसला सुनाया था। जबकि बिहार सरकार बेवजह शिक्षकों को कानूनी अड़चन में फ़साने हेतु सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की हैं। ताकि शिक्षकों का बहुमूल्य समय व भविष्य बर्बाद हो सके। उन्होंंने कहा कि केस में शिक्षकों की जीत सुनिश्चित है।
*👉 शिक्षकों का हक दिलाने के लिए महासंघ कृतसंकल्पित*
जिला अध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महासंघ शिक्षकों की इस जंगी व निर्णायक जीत के लिए हर लड़ाई लड़ने को पूरी शक्ति के साथ तैयार हैं। कोई भी कुर्बानी देने के लिए हमारा संगठन हर मोर्चे पर तैयार हैं। उन्होंंने संगठन के साथ बिहार के तमाम शिक्षकों को कदम से कदम मिलाकर साथ चलने के लिए सविनय अनुरोध करते हुए कहा कि बिहार के नियोजित शिक्षकों को उनका हक दिलाने के लिए महासंघ कृतसंकल्पित है।
*👉 महानायक के मंच पर आते ही गुंजा जयकारों का गूंज*
पटना हाई कोर्ट से समान काम के लिए समान वेतन केस में मिली जीत के नायक एवं मुख्य याचिकाकर्ता श्री उपेंद्र के मंच पर पहुंचते ही शिक्षकों के जयकारों से पूरा वातारण गुंजायमान हो उठा। उपेन्द्र भाई ने सीवान के शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हाड़ कपा देने वाली इस कहर बरपाती ठंड में भी प्रदेश स्तरीय शिक्षक नेताओं के साथ-साथ सीवान शहर के कोने-कोने से आए हुए शिक्षकों का उत्साह देखकर लगता है कि मुझे लगता है कि हमने बाजी आज ही जीत ली है बस औपचारिक बाकी है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक का अपमान, देश के कमजोर होने का प्रमाण है। जो अपने कर्तव्यों को देश की सेवा मानकर करते हैं। उन्हें बेवजह कोर्ट में घसीटा जा रहा हैं। सुप्रीम कोर्ट में भी अंतिम और निर्णायक जीत हमारी होगी।
*👉 ऐतिहासिक कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
मौके पर जमील अहमद विद्रोही प्रदेश प्रधान सचिव, अखिलेश कुमार सिंह प्रदेश सचिव, जयप्रकाश नारायण यादव प्रदेश संयुक्त सचिव, देवेंद्र सिंह प्रदेश प्रवक्ता, अशोक कुमार सिंह प्रदेश कोषाध्यक्ष, दाऊद अली प्रदेश उपाध्यक्ष, राजीव कुमार श्रीवास्तव जिला अध्यक्ष, रामप्रीत विद्यार्थी जिला महासचिव,राजेश यादव, अजय प्रसाद, राजीव कुमार, राधेश्याम यादव, पंकज कुमार श्रीवास्तव, केशव राम, विजय कुमार पाल, विकास कुमार सिंह, नरसिंह कुमार, देवेंद्र सिंह, विनोद तिवारी, दाऊद अली, गुल मोहम्मद, संतोष बैठा, शर्मिला चौधरी, छोटेलाल मांझी, हरेकृष्ण यादव, ब्रजेश कुमार, रत्नेश कुमार, ललन यादव, संदीप प्रसाद, शैलेश कुमार, जितेंद्र कुमार यादव, हरिनाथ यादव, तौसीफ अहमद, राजन कुमार भारती, पुष्पेंद्र कुमार राम, अनिल कुमार राम, विजय प्रसाद, अनिल कुमार सिंह, मनीष कुमार रजक, चंदन कुमार, राजेश कुमार सिंह, अंशु पांडेय, विनय प्रकाश राम, शम्भु कुमार, कमलेश बैठा, ब्रिजानंद चौधरी, मो० तौसीफ, रुपेश कुमार राय, सतीश कुमार श्रीवास्तव, सुनील शंकर यादव सहित हजारों शिक्षक मौजूद थे।




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