सिवान :वर्षो से जमे है कई अधिकारी,तबादले के बावजूद नही छोड़ना चाहते हैं सिवान
#परवेज अख्तर /सीवान:बिहार में पूर्ण शराबबंदी को दो वर्ष हो गए। लेकिन अपने ऊंचे रसूख और विभागीय सांठगांठ के बदौलत मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के एसआई व एएसआई तबादले के बावजूद अपने प्रतिनियुक्ति के जिले में अपना योगदान नहीं दे रहे हैं जो उत्पाद विभाग से लेकर जिले के सभी चौक चौराहों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग के कार्यालय आदेश संख्या 930 के अनुसार शराबबंदी के बाद एसआई व एएसआई पदों पर वर्षों से जिले में जमे है।इनके तबदले के लिए विभागीय आदेश 19 मार्च 2018 को निर्गत कर दिया गया।तबादला किये गए आदेश के बाद अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अन्य जिले में योगदान करना था।लेकिन विभागीय साठगांठ कि वजह से इन अधिकारियों को विरमित नही किया जा रहा है। इसके बाद जिले में बना रहना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।निषेध उत्पाद व निबंधन विभाग के चार उत्पाद सिपाहियों का पदस्थापन किया गया हैं।जबकि एक एएसआइ का तबदला विभाग द्वारा कर दिया गया।जिसमें उत्पाद सिपाही शमशाद आलम देवानंद मांझी लक्ष्मण कुमार राजेश कुमार सिंह को गोपालगंज में पदस्थापन किया गया है।वही एएसआई सत्येंद्र कुमार को कैमूर जिले की मोहनिया चेक पोस्ट पर तैनात किया गया है।विभागीय सांठगांठ की वजह से एएसआई विरमित नहीं किया जा रहा है।जो उत्पाद विभाग से लेकर जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।लोगों का कहना है कि तबादले के बावजूद सिवान नहीं छोड़ना चाहते हैं अधिकारी निर्धारित समय से अधिक समय तक एक जिले में जमे रहना विभागीय सांठगांठ को दर्शाता है।जो उत्पाद अधीक्षक के कार्यशैली पर सवालिया निशान खडा कर रहा है कि किन परिस्थितियों में तबादले के बावजूद वैसे अधिकारी को जिले से विरमित नहीं करना चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस संबंध में उत्पाद अधीक्षक अविनाश प्रकाश से पूछने पर उन्होंने कहा कि उत्पाद सिपाहियों कि कमी है पहले जिन सिपाहियों का तबादला हुआ है।उनके जगह पर सिपाही नही आये हैं।आने के बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा।वही एएसआई के आने के बाद विरमित कर दिया जाएगा