सिवान :पशु तस्करों से अवैध वसूली का विरोध करने वाले दरौली थाने के दो पुलिस पदाधिकारी हुए निलंबित
#पुलिसिया व्यवस्था की खुल रही है पोल अवैध कमाई को लेकर पुलिस और पदाधिकारी आपस में भिड़े
#महज चार सौ साठ रुपए के बटवारे को ले आधे दर्जन से ज्यादे पुलिस के पदाधिकारी व सिपाहियों पर पुलिस अधीक्षक को करनी पड़ी करवाई
#रिपोर्ट-परवेज अख्तर /सीवान
सिवान :जिले के दरौली थाने में बृहस्पतिवार की देर रात्रि संध्या गश्ती के दौरान रात्रि पेट्रोलिंग कर रहे SI उमाकांत यादव के नेतृत्व में काम कर रही पुलिस टीम ने गुठनी-दरौली-रघुनाथपुर मुख्य मार्ग पर 7 बड़े ट्रक और पांच पिकअप वैन में लगे पशु तस्करों से ₹8000 रुपये अवैध वसूली को ले SI उमाकांत यादव होमगार्ड के सिपाही उमेश कुमार भगत, मदन यादव, रघुनाथ भगत, उदय शंकर साह और ड्राइवर दिलीप कुमार के बीच आपसी बटवारा को ले हुआ विवाद इस कदर तूल पकड़ लिया कि मामला पुलिस के आंतरिक विभाग से निकल क्षेत्र मे राजनीतिक रूप धारण कर लिया और जब इसमें मीडिया कर्मियों ने अपना ध्यान बटाने लगी तो विवश हो दरौली थाने के तीन पदाधिकारियों सहित उक्त सारे होमगार्ड सिपाहियों को पुलिस अधीक्षक सिवान को तत्काल निलंबित करने की घोषणा करनी पड़ी परंतु आश्चर्य की बात यह है कि पुलिस अधीक्षक द्वारा निलंबित दरौली थाने के जो पदाधिकारी रमेश कुमार सिंह (छोटा बाबू ) और SI प्रमोद तिवारी का दोष यह था कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से रात्रि गश्ती के द्वारा पशु तस्करों से किए जा रहे अवैध वसूली का विरोध किया। क्षेत्र के लोग यह सोचने पर निश्चित रूप से एक बार विवश होते जा रहे हैं कि क्या पुलिस अधीक्षक सिवान के नजर में क्षेत्र में हो रहे अवैध वसूली करना गैरकानूनी है तो क्या इसका विरोध करना भी गैरकानूनी ही प्रतीत हो रहा है?
जानकारी हो की विगत वृहस्पतिवार को देर रात्रि में गुठनी-दरौली-रघुनाथपुर मुख्य मार्ग पर रात्रि गश्ती कर रहे हो पदाधिकारी और सिपाहियों के द्वारा पशु तस्करों से अवैध रूप से वसूली किए गए कुल ₹8000रुपये के आपसी बंटवारे को ले विवाद हो गया था जिसकी जानकारी जब पुलिस अधीक्षक सिवान को मिली तो उन्होंने पुलिस निरीक्षक मैरवा प्रभाव को इस संबंध में अपनी जांच प्रतिवेदन अविलंब समर्पित करने के लिए आदेश दिया। पुलिस अधीक्षक सिवान के आदेश के आलोक में जब पुलिस निरीक्षक- मैरवा प्रभाव दरौली थाना पहुंचे तो जांच के क्रम में पूछताछ के दौरान SI उमाकांत यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए उन्होंने बताया कि विवाद थाना के ड्राइवर का हिस्सा 20% और थाना परिसर में बने मंदिर का हिस्सा ₹400 रुपये प्रति रात्रि को लेकर हुआ है साथ ही उन्होंने बताया कि इस तूतू-मैंमैं को सूूूनकर थाना के छोटा बाबू रमेश कुमार सिंह और प्रमोद तिवारी ने इस अवैध वसूली का विरोध करते हुए यह कहा था कि आज के बाद इस थाने में किसी भी सालों के द्वारा अगर अवैध वसूली की गई तो ठीक नहीं होगा।पुलिस निरीक्षक मैरवा प्रभाग द्वारा सभी तथ्यों से पुलिस अधीक्षक सिवान को अविलंब अवगत करा दिया गया था, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक ने उमाकांत यादव और थाना का ड्राइवर दिलीप कुमार सहित तस्करों से अवैध वसूली का विरोध करने वाले SI रमेश कुमार सिंह और प्रमोद कुमार तिवारी तथा अवैध वसूली कर रहे सिर्फ होमगार्ड के सिपाहियों को तत्काल निलंबित करने की घोषणा कर दी। इसके बाद अगले दिन शुक्रवार को स्थानीय थाने के कुछ पुलिस कर्मियों की मिलीभगत से स्थानीय स्तर पर माले कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया परंतु आश्चर्य की बात यह है कि विभागीय कार्रवाई से लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक धरना प्रदर्शन के दौरान घटना के वास्तविक कारणों और साक्ष्य को गौंड रखा गया है। जानने की मजेदार बात यह है कि क्या अब भी पुलिस विभाग को इस बात की ठोस साक्ष्य देनी पड़ेगी कि स्थानीय पुलिस के देखरेख में गुठनी-दरौली-रघुनाथपुर मुख्य मार्ग के रास्ते यूपी से लगातार पशुओं की तस्करी जारी है और इस खेल में गुठनी दरौली रघुनाथपुर थाने के पुलिसकर्मियों की बराबर की हिस्सेदारी और साझेदारी है? इसी विवाद को ले पूर्व में गुठनी थानाध्यक्ष मिथलेश कुमार के संग एक स्थानीय पत्रकार प्रवीण कुमार तिवारी संग दुर्व्यवहार किए जाने का मामला प्रकाश में आया था जिस पर पुलिस पदाधिकारियों द्वारा अपने विभागीय पदाधिकारियों का भरपूर पक्ष लेते हुए अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सिवान नवीन चंद्र झा ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने पर कोई भी कर्मी या पदाधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे गलत पाए जाने पर सभी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी । चाहे इसके लिए थानों मेें कितनी भी संख्या में पुलिस कर्मियों को एक साथ निलंबित क्यों ना करना पड़े ? किसी भी कर्मी या पदाधिकारी की शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी




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