सारण :बढे शीतलहर व कुहांसे में छात्रो की जान से खिलवाड़ कर रहे कोचिंग संचालक
#हरिकिशोर सिंह ✍
मशरक( सारण):
 ठंड और कोहरे के कारण जिला प्रशासन द्वारा सभी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में नियमित वर्ग संचालन के समय में किए गए परिवर्तन के आदेश का असर तो स्कूलो में देखा जा रहा है, लेकिन कोचिंग संस्थानों द्वारा उक्त आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। समय परिवर्तन से पूर्व उन्हें सुबह में दो बैच चलाने का समय मिलता था। अब चार बैच चलाने का समय मिल जा रहा है।  पढ़ने वालों में छोटे-बड़े सभी बच्चे शामिल रहते हैं. बड़े बच्चे तो कुछ समझदार होते हैं। उन्हें ठंढ से बचाव करने की समझ होती है, पर ना समझ नौनिहाल सही से अपना बचाव नही कर पाते है। ऐसे  बच्चे साईकिल चलाते समय भी सही संतुलन नही बना पाते है। दूसरी ओर बात की जाये तो  अभिभावक भी पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए इस डर से पढ़ने भेज देते हैं कि कोचिंग की पढ़ाई आगे चली जायेगी और उनका बच्चा पीछे रह जायेगा। गुरुवार को जब स्थिति का जायजा लेने निकले तो देखा कि अहले सुबह 5 बजे से ही मशरक स्टेशन रोड,यदूमोड़, देवरिया, बहरौली चौक के दर्जनो कोचिंग संस्थानों में बच्चों का क्लास चल रहा था। यहां बता दे की मशरक-मलमलिया मुख्य मार्ग होने के कारण बहरौली चौक के सड़क से बड़ी गाड़ियो का आवाग्मन ज्यादा होता है। वही डुमरसन बजार  से सत्तरघाट मुख्यमार्ग पर होने के कारण सीधे महम्मदपुर जाने का मुख्यमार्ग हैं। जबकि सुबह में काफी ठंढी और कोहरा छाया हुआ था, बावजूद इसके कोचिंग आकर पढ़ने वालों में ननिहाल बच्चों की संख्या काफी अधिक देखी गयी।