
सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
- 20 सितम्बर से 14 दिनों तक चलेगा कार्यक्रम
- अभियान में केयर इंडिया द्वारा हो रहा है सहयोग
बेतिया, 20 सितम्बर 21
जिले को फाइलेरिया से मुक्त करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर जिले में फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र योगापट्टी के साथ विभिन्न प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया जा रहा है। सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र योगापट्टी में एमडीए कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया, जिसमे प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रजनीश कुमार, डॉ शुशील कुमार, ने फाइलेरिया के बारे में विस्तार पुर्वक से चर्चा की। उन्होंने बताया कि
20 सितम्बर से सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम शुरू की जा रही है । जिसमे लोगों को फाइलेरिया की दवा आशा कार्यकर्ताओं व अन्य सहयोगी स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से मुफ्त खाने को दी जाएगी। उन्होंने फाइलेरिया रोग का लक्षण, उपचार एवं बचाव के बारे में लोगों व मरीजो को विस्तृत रूप से चर्चा कर जागरूक किया। डीभीबीडीओ ने बताया
लोगों को फाइलेरिया की दवा आशा कार्यकर्ताओं व अन्य सहयोगी स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से मुफ्त खाने को दी जाएगी। उन्होंने बताया कि दवा के सेवन के उपरांत कुछ लोगों में पेट दर्द, उल्टी ,बुखार या चक्कर इत्यादि होने की संभावना होती है, परंतु इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह सामान्य लक्षण है अगर किसी को किसी प्रकार की विशेष तकलीफ या दिक्कत नहीं होती है। वैसे लोग जाकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की सलाह से अपना स्वास्थ्य जांच करा सकते हैं ।
डीभीबीडीओ ने बताया इस अभियान को सफल बनाने के लिए आशा घर-घर जाकर 2 साल से अधिक उम्र के लोगों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा खिलाएंगी। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर रोग है जिसे फाइलेरिया की दवा सेवन से ही बचा जा सकता है। कभी-कभी फाइलेरिया के परजीवी शरीर में होने के बाद भी इसके लक्षण सामने आने में वर्षों लग जाता है। इसलिए फाइलेरिया की दवा का सेवन सभी लोगों के लिए लाभप्रद है। उन्होंने बताया लोग खाली पेट दवा का सेवन नहीं करें। उन्होंने बताया 2 साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रोग से ग्रसित एवं गर्भवती महिला को फाइलेरिया की दवा नहीं खिलाई जाएगी।
डीभीबीडीओ ने बताया ऐसे खानी है दवा :
पश्चिमी चंपारण के डीभीबीडीओ डॉ दिवाकर प्रसाद ने बताया इस अभियान में डीईसी एवं एलबेंडाजोल की गोलियाँ लोगों की दी जाएगी। 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की एक गोली एवं एलबेंडाजोल की एक गोली, 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो गोली एवं एलबेंडाजोल की एक गोली एवं 15 वर्ष से अधिक लोगों को डीईसी की तीन गोली एवं एलबेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी। एलबेंडाजोल का सेवन चबाकर किया जाना है।
मौके पर
चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रजनीश कुमार, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक डॉ शुशील कुमार, केयर प्रखंड प्रबंधक शैलेश कुमार, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, डब्ल्यूएचओ समन्वयक, ए एनएम, व आशा कार्यकर्ता,केयर इंडिया प्रतिनिधि, समेत कई स्वास्थ्य कर्मी शामिल रहें ।
फाइलेरिया के लक्षण :
फाइलेरिया को हाथीपावं रोग के नाम से भी जाना जाता है। जिसमें बुखार का आना, शरीर पर लाल धब्बे या दाग का होना एवं शरीर के अंगों में सूजन का आना फाइलेरिया की शुरूआती लक्ष्ण होते हैं। यह क्यूलेक्स नामक मच्छर के काटने से फैलता है।




Recent Comments