
समाधि शताब्दी समारोह की नंदनपुर से प्रारंभ होने वाली पदयात्रा की तैयारी हुयीं पूरी
#सारण के संत श्री परमहंस जी महाराज 09 जुलाई 1919 को पाकिस्तान के टेरी में हुये थे ब्रह्मलीन .
#छपरा के रौजा स्थित ब्रह्म विद्यालय एवं आश्रम में 09 एवम 10 जुलाई को समाधि शताब्दी समारोह है आयोजित.
मांझी (सारण)। मंगलवार की सुबह श्री स्वामी अद्वैतानंद जी महाराज परमहंस के समाधिस्थ होने के सौ साल पूरे होने पर उनके ननिहाल नंदपुर से प्रस्तावित पदयात्रा की तैयारी अंतिम चरण में है। पदयात्रा सह समाधि शताब्दी समारोह को भब्य व आकर्षक बनाने तथा परमहंस जी के उद्देश्यों से उनकी जन्मस्थली के लोगों को अवगत कराने के उद्देश्य से रविवार से ही उनके अनुयायीयों का नंदपुर पहुंचना शुरू हो गया है।

अनुयायियों द्वारा बनाये गए नंदपुर में बने आश्रम में जबरदस्त चहल पहल है। स्वामी श्री श्री सत्यानंद जी महाराज परमहंस द्वारा भक्तों के बीच लगातार प्रवचन के जरिये सन्देश सुनाया जा रहा है। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए प्रमुख कार्यकर्ता सरोज कुमार मिश्रा ,सुनील कुमार त्यागी आदि ने बताया कि सोमवार की शाम तक देश भर से उनके लगभग दस हजार अनुयायी व साधु संत यहाँ पहुंच जाएंगे। उनके ठहरने व भोजन जलपान के लिए दो अलग अलग वाटर प्रूफ पांडाल बनाये गए हैं। नहर से आश्रम तक की सड़क की सोलिंग की गई है। आश्रम के समीप स्थित बट बृक्ष के चारों तरफ साधु संतों द्वारा बड़ा चबूतरा बनाया जा रहा है।
पदयात्रा मंगलवार की सुबह साढ़े चार बजे प्रारम्भ होगी जो माड़ीपुर नटवर सेमरिया तथा कोपा के रास्ते देवरिया पहुंचेगी जहां अल्प विश्राम होगा फिर दहियांवा के लिए सन्तों का काफिला रवाना होगा। अत्यधिक भीड़भाड़ तथा पदयात्रा के सकुशल निस्तारण को लेकर मांझी थानाध्यक्ष नीरज मिश्रा ने अनुयायियों से लंबी मन्त्रणा की। तथा पुलिस दल के साथ मार्ग का अवलोकन किया। अनुयायियों के रहने तथा खाने पीने की ब्यवस्था में दर्जनों कारीगर लगाए गए हैं।

ज्ञात हो कि सारण के दहियावा में जन्में श्री स्वामी अद्वैतानंद जी महाराज परमहंस 09 जुलाई 1919 को पाकिस्तान के टेरी में ब्रह्मलीन हुए थे।उसी को लेकर समाधि शताब्दी समारोह 09 एवं 10 जुलाई को अनुयायियों द्वारा मनाया जा रहा है।जिसमे मांझी के नंदपुर से पदयात्रा प्रारंभ होकर छपरा के रौजा स्थित ब्रह्म विद्यालय एवं आश्रम तक पहुंचेगी।जहां पर समाधि शताब्दी समारोह दो दिनों तक चलेगा।




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