समस्तीपुर:निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान नवजात शिशु की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
##न्यूज़ इनपुट -केशव बाबू

रोसड़ा
रोसड़ा ब्लॉक रोड स्थित एक निजी क्लीनिक में उल्टी और दस्त की शिकायत पर इलाज के लिए लाए गए एक चार महीने के शिशु की इलाज के क्रम में मौत हो गई। शिशु की मृत्यु जान क्लीनिक में मौजूद कम्पाउंडर और अन्य कर्मचारी बच्चे को सरकारी अस्पताल ले जाने की बात कह लफलत में डालकरकर क्लीनिक से शिशु व उसकी माँ को बाहर करके ताला लगाकर क्लीनिक बंद कर फरार हो गये।
बच्चे की इलाज करवाने अकेले आई बच्चे की माँ ने परिजनों और ग्रामीणों को इस घटना की सूचना दिया।जब, ग्रामीण घटना स्थल पहुंचे और क्लिनिक बंद देखा तो वह लोग आक्रोशित हो गए। हॉस्पिटल संचालक सहित डॉक्टर के खिलाफ आक्रोश जता रहे थे। परिजनों का कहना था कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण मेरे दूधमुहे बच्चे की मौत हुई है।सूचना पर पहुँचे रोसड़ा थाना के एस आई अरुण पटेल लोगो को शांत कराते हुये उचित कार्रवाई की बात कर रहे थे।इस बाबत से घंटो यातायात बाधित रहते हुये आवा जाही बाधित रहा।
जानकारी के मताबिक लोगों ने बताया गुरुवार को लगभग 01बजे दिन में छौड़ाही थाना क्षेत्र के वाजितपुर निवासी अरुण साह की पत्नि ज्योति देवी अपने गोतनी पूनम दवी के साथ उल्टी दस्त की शिकायत लेकर अपनी चार महीने के बच्चे प्रिंस को लेकर ब्लॉक रोड स्थित डा० रमेश प्रसाद के निजी क्लीनिक में ईलाज करवाने आयी।जिसे डॉक्टर द्वारा बच्चे को चेकअप करने के बाद पानी चढ़ाने के लिए एडवाइस किया, कंपाउंडर ने बच्चे को पानी लगा दिया किंन्तु थोड़ी ही देर बाद उक्त बीमार बच्चे ने दम तोड़ दिया।एक दूधमुहे बच्चे की इस तरह के मौत पर उससे आहत मां अपने बच्चे को गोद में लिये बंद क्लीनिक के बाहर बीच सड़क बैठ रो रो कर विलाप करते न्याय की गुहार लगा रही थी।




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