छपरा: पिछले इक्कीस दिनो से चल रहे गडखा प्रखंड के नराॅव मे श्रीराम चरित मानस कथा सह जीवन मूल्य व्यख्यान मे कथा वाचक अमरदाव ठाकुर ने कथा श्रवण कर्ताओ को आत्म विभोर कर दिया।बाईसवे दिन कथा की पूर्णाहुति के पूर्व श्री ठाकुर ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम राज का निचोर बतलाया और कहा की राम सबको सम भाव से देखते थे।सच्चा राजा वही होता है जो सबके भलाई का कार्य करे और सबके साॅथ न्याय करे ।उन्होने कहा कि अच्चा राजा वही होता है जो बेदाग हो उसपर किसी तरह का चारित्रिक,नैतिक दाग न हो वह व्यवहारिक और कर्त्तव्य परायण हो।राम के राज मे सभी जगह खुशहाली थी और सभीं प्रगतिशील थे।किसी के कष्ट को सुन भगवान विह्वल हो जाते थे और उसके दुख को दूर करने के लिए सदैव तत्पर रहते थे।उन्हे अपने परिवार से भी ज्यादा जनमानस से प्रेम था और जनता की कल्याण हेतु कार्य करते थे।
अमरेव ने कहा की श्रीराम चरित मानस गोस्वामी तुलसीदास जी की अमर कृति है जिसमे माॅ,पुत्र,पिता,पत्नी, भाई,सेवक सभीं के अलग-अलग कर्तव्य बताये गये है।सभी ने अपने कर्तव्यो को ठिक ढंग से पालन किया इसी वजह से यह अद्भुत ग्रंथ कल भी प्रासंगिक था आज भी है और आने वाले हर दिनों के लिए प्रासंगिक रहेगा इसमे कोई संशय नही है।कथा की पूर्णाहुति व आरती के बाद श्रीरामजानकी मंदिर प्रवंधन समिति के तरफ से3000₹,ग्रामीण समाज4000 व सेवक समाज द्वारा अंग वस्त्र आभूषण व दक्षिणा दान दिया गया।शिवदानी ज्वेलर्स धनौडा के भक्त उपनेश कुमार व राहुल कुमार ने सोने का महाबीर जी का लौकेट प्रदान किया।विदाई समारोह के अवसर पर स्थानीय सरपंच ओम कृष्ण साह उर्फ ठाकुर साहेब ,हरेन्द्र कुमार विद्यार्थी, राम जानकी मंदिर के प्रधान महंथ पूजारी जी,कामख्या सिह,भुनेश्वर प्रसाद,गोवर्धन सिह,टुनटुन सिह ,मुन्नी देवी,पूर्णिमा देवी,अनीता देवी आदि सैकडो नड-नाडी बच्चे उपस्थित थे।