वो व्यक्ति महान है जो राजनीति के साथ धर्म एवं परोपकार कर मानव सेवा का कार्य करता है-संत कुलदीप सिंह महराज

केशव बाबू/
विभूतिपुर(समस्तीपुर): प्रखंड के सिंघिया घाट दुर्गा स्थान के मैदान में समस्तीपुर जिला स्तरीय 18 वा संत निरंकारी मिशन का जिला स्तरीय संत समागम का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन स्थानीय विधायक रामबालक सिंह ने फीता काटकर किया। समागम में संत निरंकारी केंद्रीय प्रचारक दिल्ली के संत कुलदीप सिंह जी महाराज के प्रवचन मधुर वाणी से लोगों ने ज्ञान प्राप्त किया।समागममें संत कुलदीप जी महाराज ने कहा कर्म के आधार पर मानव का विभाजन होना चाहिए ना की खानपान,जाति, स्वरूप को देख कर मानव का दर्जा दिया जाए। सभी आत्मा एक समान है। अंतर आत्मा को बदलने की अत्यंत ही आवश्यक है।संत निरंकारी के मंच से प्रकार के धर्म शास्त्र की चर्चा करते हुए कहा कि धर्म स्थल पर राम के चरित्र की चर्चा करते लेकिन उनके चरित्र का अनुकरण नहीं करने वाले का जीवन सुना सुना है। उठो, जागो के इस वचन को महापुरषों के दिए साढ़े तीन युग बीत जाने के बाद भी मनुष्य की अंतरात्मा नहीं जग पाई है।हर शास्त्र में यह उल्लेख है सभी लोग इसका अध्ययन भी करते की मनुष्य का तन देख कर ईश्वर ने धरती पर भेजा है।ताकि वह मानव सेवा कर अपने आप को शिव बने।ऐसा नहीं करने वाले शब मनी चाहते हैं । इस लोक में जीने का अवसर मिला तो परलोक के लिए सुधार करके जीवन का उद्धार किया जा सकता है।जिसका मूल आधार शगुन से निर्गुण को प्राप्त कर लक्ष्य सकारात्मक हो सकता है। इसके लिए हमें हनुमान,मीरा, राजा जनक सहित अन्य महापुरुषों कि से ज्ञान लेकर गुरु को ढूंढना होगा।जिस तरह बेहतर पढ़ाई के लिए एक सुयोग्य शिक्षक की जरूरत होती है।उसी तरह ईश्वर को पाने के लिए गुरु की तलाश करना आवश्यक है।गुरु के बिना मानव संसार सागर से पार नहीं कर सकता।आज जमी और जहां में फैले हुए ब्रह्म को चारदीवारी में कैद कर जाति, मजहब में बांटकर परमात्मा से बड़े बनने वाले भक्तों को परमधाम की प्राप्ति नहीं होती। उन्होंने केवट प्रसंग की विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए भक्तों एवं भगवान के चरित्र को परिलक्षित करते हुए कहा कि भगवान शंकर ने अपनी अर्धांगिनी उमा से राम कथा सुनाते हुए कहा कि एक जाति दूसरे जाति से मजदूरी नहीं लेता यह बातें केवट ने मर्यादा पुरुषोत्तम राम से गंगा पार करते वक्त कहा था।जब माता सीता ने उसे पार उतारने के बदले में मजदूरी दे रहे थे तो केवट ने कहा था कि प्रभु मैं नदी से लोगों को पर उतारता हूं और आप जीवन रूपी संसार सागर से पार उतारते हैं ।इसलिए हम आपसे यह मेहनत आना नहीं लेंगे उन्होंने कहा परमात्मा को प्राप्ति के लिए भक्तों को ज्ञान चक्षु से देख भगवत की प्राप्ति हो सकती है। जिस तरह स्वामी रामकृष्ण परमहंस,राजा जनक,मीरा सहित अन्य महान भक्तों गुरु की कृपा से भगवान की प्राप्ति हुई।भगवान सभी जगह समान रूप से विद्यमान हैं।इंसान बनकर ही लोग भगवान को प्राप्त कर सकता है।उन्होंने कहा कि वह व्यक्ति महान है।जो राजनीति के साथ धर्म एवं परोपकार मानव सेवा का कार्य करता है वह सफल मनुष्य कहलाता है।कार्यक्रम में पूरे जिले के हजारों की संख्या में लोग उपस्थित होकर प्रवचन का आनंद उठाया कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संयोजक जवाहर प्रसाद, बच्चा शर्मा,राम प्रकाश,विनोद कुमार,महाराज राजेश पासवान, जगदीश कुमार,मनीष कुमार, मोतीलाल,हरे राम पासवान, पुरुषोत्तम रजक,सुबोध राय, मनीष कुमार,हरे राम राय सहित लोग थे।