
दैनिक खोज खबर/गड़खा(सारण)। सारण जिले के लाल
बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज देश की रक्षा में पाकिस्तान से युद्ध के दौरान जम्बू के आर एस पुरा सेक्टर में शहीद हो गए। गड़खा थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव निवासी 56 वर्षीय मोहम्मद इम्तियाज की शहादत पर पूरे गांव में माहौल गमगीन है।गांव के लोग देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण के बलिदान देने वाले वीर सपूत शहीद इम्तियाज शेख पर जीते जी दुश्मन देश के लोहा मनवाने तथा वीरगति को प्राप्त करने पर गर्व भी कर रहे थे। खबर के मुताबिक वीर सपूत के पार्थिव शरीर को जंबू के राज्यपाल व सेना के अधिकारियों ने श्रद्धांजलि देकर घर के लिए सुपुर्द कर दिया। गांव में सोमवार को पार्थिव शरीर पहुंचने की संभावना है, जहां पर सम्मान के साथ अन्तिम संस्कार किया जाएगा।। आपको बता दे की भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले कई दिनों से चल रहें युद्ध में शनिवार की देर शाम सीजफायर के दौरान देश के आउट पोस्ट को लीड कर रहे जवान पाकिस्तान की ओर से धोखे में की गई क्रॉस फायरिंग में अपने साथी जवानों की सुरक्षा में शहादत दी। वह गड़खा के जलाल पंचायत के नारायणपुर गांव निवासी मोहम्मद हबीब तथा उम्मती बीवी के पुत्र थे। बताया जा रहा हैं कि 1986 में भारतीय सेना में बहाली हुई थी।बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर पद पर तैनात थे।वह अपने पीछे दो पुत्र और दो पुत्री को छोड़ गए। पत्नी शहनाज अजिमा, पुत्र मोहम्मद इमरान और मोहम्मद इमदाद पुत्री बनाजीर खातून फरीदा खातून समेत अन्य के आंखों के आंसू नहीं सूख रहे थे।
छोटा भाई भी कर रहा है देश की सेवा, पिता का पार्थिव शरीर लाने गया बेटा :
मोहम्मद इम्तियाज का बड़ा पुत्र इमरान अपने रिश्तेदारो के साथ पार्थिव शरीर लाने गया। इम्तियाज तीन भाइयों में सबसे बड़े थे, उनसे छोटा भाई मोहम्मद मुस्तफा भी बीएसएफ में तैनात हैं।सबसे छोटा भाई मोहम्मद असलम गांव पर ही रहते हैं।




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