
2.67लाख क्वीसेक पानी का दिखने लगा असर।तेजी हो रहा है कटावपानापुर (सारण)थानाक्षेत्र मे पिछले तीन दिनो से हो रही बारिश तथा वाल्मीकिनगर बराज से लगातार पानी छोड़े जाने से गंडक नदी के सारण तटबंध पर दबाव बढ़ने लगा ह। कई जगहो पर नदी ने कटाव शुरू कर दिया है तथा उपजाऊ भूमि को काटकर अपने आगोश मे ले रही है।लगातार हो रहे कटाव के कारण तटबंध के नीचे बसे लोग तथा किसान परेशान हैं।ग्रामीणो का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से नदी मे कटाव की स्थिति है लेकिन प्रसाशनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नही हो रही है।बता दे कि करीब दस वर्षो से थानाक्षेत्र के सरौजा भगवानपुर मे नदी ने अपना कटाव स्थल बनाया था।लेकिन प्रसाशनिक मुस्तैदी एवं वहां हुए मरम्मत कार्य एवं पत्थर पैचिंग के कारण कटाव स्थल बदलकर दो वर्षो से पृथ्वीपुर और सलेमपुर हो गया था।लेकिन इस वर्ष पृथ्वीपुर, सलेमपुर सहित फिर सरौजा भगवानपुर मे कटाव स्थल बना रही है।
पानापुर (सारण)थानाक्षेत्र मे पिछले तीन दिनो से हो रही बारिश तथा वाल्मीकिनगर बराज से लगातार पानी छोड़े जाने से गंडक नदी के सारण तटबंध पर दबाव बढ़ने लगा ह। कई जगहो पर नदी ने कटाव शुरू कर दिया है तथा उपजाऊ भूमि को काटकर अपने आगोश मे ले रही है।लगातार हो रहे कटाव के कारण तटबंध के नीचे बसे लोग तथा किसान परेशान हैं।ग्रामीणो का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से नदी मे कटाव की स्थिति है लेकिन प्रसाशनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नही हो रही है।बता दे कि करीब दस वर्षो से थानाक्षेत्र के सरौजा भगवानपुर मे नदी ने अपना कटाव स्थल बनाया था।लेकिन प्रसाशनिक मुस्तैदी एवं वहां हुए मरम्मत कार्य एवं पत्थर पैचिंग के कारण कटाव स्थल बदलकर दो वर्षो से पृथ्वीपुर और सलेमपुर हो गया था।लेकिन इस वर्ष पृथ्वीपुर, सलेमपुर सहित फिर सरौजा भगवानपुर मे कटाव स्थल बना रही है।
2.67 लाख क्वीसेक पानी का दिखने लगा है असर।
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र बाल्मिकीनगर बराज से बुधवार को 2.67 लाख क्वीसेक छोड़े गया पानी शुक्रवार को गंडक नदी के सारण मे पहुंच गया।जिसका असर व्यापार रूप से दिख रहा है।निचले इलाके मे खेती योग्य भूमि का तेजी से कटाव हो रहा है।




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