
योग और अध्यात्म लौकिक और परलौकिक सुखों का भंडार-गोविन्द जी महाराज
पानापुर : चैत्र नवरात्र एवं हिन्दू नव वर्ष के शुभ अवसर पर सारण जिले के पानापुर शिवमंदिर के प्रांगण में स्थानीय ग्रामीण जनता के द्वारा दिनाक 6 अप्रैल से 13 अप्रैल तक श्री कृष्ण प्रणामी धर्म श्री निजानन्द सम्प्रदाय के संत गोविंद जी महाराज के द्वारा संगीतमय भागवत कथा एवम योग विज्ञान शिविर का आयोजन किया गया है ।जिसका शुभ उद्धाटन समाजिक कार्यकर्ता युवराज सुधीर सिंह ,ब्रज किशोर मुखिया ,आदि लोगो ने सामूहिक रूप से दिप प्रज्वलित कर किया ।इस अवसर पर गोविंद जी महाराज ने उपस्थित भागवत प्रेमियों को भागवत कथा का महत्व एवं योग विद्या का महात्म्य सुनाया ।इस अवसर पर महाराज जी ने कहा कि इस कलयुग में भागवत साक्षात भगवान श्री कृष्ण का स्वरूप हैं ।इसलिए प्रत्येक मनुष्य को अपने तीनो तापो से शांति के लिए भागवत कथा का श्रवण ,पूजन ,कीर्तन ,दर्शन ,आदि करना चाहिए ।इसके द्वारा मनुष्य अपने चारो पुरुषार्थ धर्म,अर्थ,काम ,मोक्ष आदि की प्राप्ति कर लेता हैं ।जो मनुष्य नित्य भागवत का पाठ करता हैं वह अपने स्वरूप का बोध कर लेता हैं। इसी भागवत कथा के द्वारा राजा परीक्षित को भगवान श्री कृष्ण की प्रप्ति हुई थी ।योग पर प्रकाश डालते हुए महाराज जी ने कहा कि योग समस्त मनुष्यों के लिए औषधि से बढ़कर हैं योग के नियमित अभ्यास से तन और मन दोनों शुद्ध हो जाते हैं। और प्रत्येक मनुष्य स्वस्थ्य और दिर्घायु हो सकता हैं ।अतः योग ,आध्यात्म के मार्ग पर चलकर ही मनुष्य लौकिक और पारलौकिक दोनो सुखों को प्राप्त कर सकता हैं ।इस अवसर पर पूजा समिति के अध्यक्ष पूर्व मुखिया राजनारायण सिंह ,वकील रॉय सरपंच समाजिक कार्यकर्ता मुनचुन सिंह ,सत्येंद्र रॉय ,ललन सिंह , मंच संचालक भीमल पाल ,कार्यकम संयोजक




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