● हाल के दिनों में अपने घरों में लौटे लोग फिर ऊंचे स्थानों पर ली शरण


मढ़ौरा(सारण)। प्रखंड क्षेत्र में  एक बार फिर आयी बाढ़ के कहर ने जनजीवन को पुरी तरह अस्त व्यस्त कर दी है। डबरा नदी के बढ़े जलस्तर से बाढ़ का पानी नगर पंचायत और आसपास के इलाकों में पूरी तरह से फैल गया।इसके अलावे मही नदी के बढ़े जलस्तर से भावलपुर और नौतन पंचायत भी फिर से बाढ़ प्रभावित हो गया है।जहां पर सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी घुसने से पीडित परिवार घर के सामन के साथ ऊचे जगह पर तिरपाल टांग अपना नया आशियाना बना गुजर बसर करने पर मजबूर हैं। प्रखंड मुख्यालय का रेलवे लाइन के पश्चिम के आधा दर्जन से अधिक गांवों का सीधा संपर्क टूट चुका है। जिसमें पकहा, अवांरी, सेमरहिया, असोइया, असाव तकिना, सलिमापुर, नथुआ आदि गांवो के लोग मढ़ौरा प्रखंड मुख्यालय अथवा बाजार आने के लिए 2 से 4 किलोमीटर की दूरी को 12 किलोमीटर की फेरा मारकर शिवगंज चौक पर जाकर फिर मुख्य सड़क के रास्ते मढ़ौरा आ जा रहे है।मुख्यालय से सटे गांव पकहा, असोइया और तकिना गांव के लोग नाव की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की प्रशासनिक पहल की बाट जोह रहे हैं।अभी तक आने जाने के लिए  नाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। मढ़ौरा स्टेशन परिसर और अंबेडर पार्क में लोग टेंट खड़ा कर रह रहे है।जहां बाढ पीडितों के सामने आवागमन, शौचालय, खानपान व पशुओं के चारा की समस्या बनी हुई है।फिलहाल डबरा नदी केे पानी का तेेेज बहाव के कारण नदी किनारे के गांव और नगर का नीचले हिस्से में पानी का बहाव तेजी से हो रहा है. वहीं अब फिर से शिल्हौरी और मढ़ौरा बाजार के बीच मेन रोड, मढ़ौरा हाईस्कूल-असोइया रोड एवं अम्बेडकर रोड में सड़क के ऊपर से पानी के तेज बहाव हो रहा है।जो पिछले एक पखवारा से सड़क पर तेज बहाव रुक गया था और रिहायसी इलाकों से भी पानी नीचे उतर गया था।लेकिन फिर से आई बाढ़ की त्रासदी ने लोगों में दहसत पैदा कर दिया है। सरकारी सुविधाओं की बात करें तो पुरी तरह फेल दिखाई दे रहा है. प्रशासन वेट एन्ड वॉच की स्थिति में है कि बाढ़ की भयावहता पूर्व की भांति ही हो जाएगी अथवा एक दो दिनों में कम हो जाएगी।हालांकि निचले इलाकों में बाढ़ ने लोगों को पूर्व की ही तरह कई तरह के संकट में फिर से डूबा दिया है।

मढ़ौरा एसएफसी गोदाम परिसर फिर एक बार पानी से भरा :

स्थानीय प्रखंड मुख्यालय से सटे एसएफसी गोदाम परिसर बाढ़ के पानी से फिर एक बार भर गया।शनिवार को अनाज लेकर आये ट्रकों को खाली कराने में कर्मियों को काफी परेशानी हुई।गोदाम परिसर में तीन-चार फीट पानी हो जाने से कैरी करने वाले चार पहिया वाहनों को भी मेन रोड पर अंदर से ट्रैक्टर ट्राली से ढुलाई करा कर लोड किया जा रहा था।मालूम हो एक माह पूर्व आयी बाढ़ में प्रशासन ने परिसर में खंभे पर प्लाई रख एक सौ मीटर के आसपास तक चचरी पुल बनाया गया था।जिससे गोदाम से अनाज बाहर निकाल जन वितरण के विक्रेताओं तक पहुंचाया जा रहा था।लेकिन इधर एक सप्ताह से पानी के कम हो जाने पर परिसर से चचरी पुल हटा दिया गया था और वाहनों का गोदाम तक आना जाना शुरू हो गया था।लेकिन फिर स्थिति बिगड़ती दिख रही है।