मोतिहारी में चीनी मिल का बकाया भुगतान के लिए 2 मजदूरों ने किया आत्मदाह, प्रत्यक्ष दर्शियों की सजगता से बची जान, हालात नाजुक
मोतिहारी चिन्नी मील के सामने 2 मील कर्मचारियो ने किया आत्म दाह दोनों की हालत नाजुक
दैनिक खोज खबर के लिए अतुल कश्यप की रिपोर्ट मोतिहारी (पू च):- सत्याग्रह भूमी मोतिहारी मे बंद पड़ी चीनी मिल के किसानो एवं मजदूरो की 2002 से बकाया भुगतान की माँग को लेकर मिल गेट पर दो किसान एवं मजदूर ने किया आत्मदाह करने के लिए अपने जिस्म में आग लगा लिए है। दोनों लोगों की पहचान स्थानीय सुरज बैठा एवं नरेश श्रीवास्तव के रूप में की गयी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नरेश श्रीवास्तव व सुरज बैठा 75 प्रतिशत जल चूके हैं।
सुशासन कुमार नीतीश बाबू व मोतिहारी के सांसद व भारत सरकार के कृषिमंत्री राधामोहन सिंह को तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें देना चाहिए।
✍नवीन_सिंह परमार प्रधान सम्पादक दैनिक खोज खबर:–गांधी जी के चंपारण सत्याग्रह के 100 साल बाद भी हमारा बिहार सुशासन कुमार के नेतृत्व में इस स्थिति में पहुँच चुका है कि हमारे किसानो एवं मजदूरो की 2002 से बकाया भुगतान की माँग को लेकर मोतिहारी चीनी मिल गेट पर दो किसान एवं मजदूर ने आत्मदाह का प्रयास किया ।सुरज बैठा एवं नरेश श्रीवास्तव ने आत्मदाह का प्रयास किया जिसमे नरेश श्रीवास्तव 90 % व सुरज बैठा 50 % झुलस गए ।
आत्मदाह के इस प्रयास का समर्थन नहीं होना चाहिये, लेकिन सोचने की बात यह है कि जिस राज्य में सभी व्यवस्थाएँ लगभग फेल हो चुकी है उस राज्य के सरकार के द्वारा चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह मनाने का क्या नैतिक अधिकार है?
चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष के नाम पर तमाम प्रदर्शनी हो रही है, तमाम गांधीवादी विचारक बिहार पधार चुके है और तरह-तरह के उपदेश दे रहे है । लेकिन यह किसी को महसूस नहीं हो रहा है कि यह कितने शर्म की बात है कि “अपना ही बकाया पैसा वापस लेने के लिए हमारे चम्पारण के गन्ना किसानों को आत्मदाह करना पड़ रहा है।”
चम्पारण में 100 साल पहले यहाँ के एक किसान राजकुमार शुक्ल जी के निवेदन और निमंत्रण पर गांधी जी चंपारण आये थे। गांधीजी ने किसानों की दुर्दशा देख के ही सत्याग्रह शुरू किया था।
और ये बात भाजपा, जदयू या राजद को कोसने की नही है, बात है हमारे लोकतान्त्रिक संरचना में छेद की। अफ़सोस होगा, चर्चाएं होंगी, सब भूल जाएंगे और आगे बढ़ जाएंगे। सोचनीय है कि आखिर हमारा अन्नदाता सबसे लाचार क्यों है??
कल मोतिहारी में हुई इस दिल-दिमाग को हिलाकर कर रख देने वाली इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुये बिहार के सुशासन कुमार नीतीश बाबू व स्थानीय सांसद व भारत सरकार के कृषि मंत्री राधामोहन सिंह को तत्काल अपने- अपने पद से इस्तीफा दें देना चाहिए।




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