•मांडलगढ़ राजस्थान उपचुनाव:-कल आला नेता बोले नहीं है अब गुटबाजी, 7 घंटे में ही खुलकर सामने आई फूटबाजी :
🛑 मांडलगढ़ [ दिलीप मेहता ].✍🏻मांडलगढ़ विधानसभा सीट के उपचुनाव में कल कांग्रेस के दिग्गज नेताओ ने यह संदेश दिया कि हम सब एकजूट है और कोई गुटबाजी नहीं है । लेकिन मात्र 7 घंटे बाद ही कांग्रेस की गुटबाजी की झलक टिकट को लेकर फूटबाजी की और बढ़ गई इससे आम जन में क्या संदेश जायेगा।
पूर्व प्रधान गोपाल मालवीय आज निर्दलिय फार्म भर ताल ठोक रहे है लेकिन बडे आला नेता क्या मालवीय को रोक पायेंगे यह कहना मुशकिल है। दशहरा मैदान से जुलुस के साथ मालवीय नामांकन दाखिल करेगें। इसी मैदान पर बुराई के प्रतिक रावणके पुतले का राम द्धारा हर दशहरे पर अंत किया जाता है ।।
मांडलगढ़ विधानसभा सीट में पहले भी भंवरलाल जोशी , बद्रीप्रसाद गुरूजी व इंजि. कन्हैयालाल धाकड भी बतौर निर्दलिय खडे हुये है जिसमें निर्दलिय रहते यह जीत नहीं सके लेकिन वोटो का समीकरण बिगाड चुके है। इसी कडी में फिर इसी राह पर पूर्व प्रधान रहे गोपाल मालवीय बतौर निर्दलिय फार्म भर रहे है जिससे वह जीत की पटरी पर दौड तो नहीं सकते लेकिन कांग्रेस की रणनीति और गणीत बिगाड सकते है इसमें कोई संदेह नहीं है।
इसका सीधा सीधा फायदा भाजपा की झोली में जाता दिखाई देगा। भाजपा के टिकट पर चुनाव लड रहे शक्तीसिंह हाडा के लिये यह कदम भाग्य दायक होगा। फिलहाल आज फार्म भरने का अंतिम दिन है । फार्म जांचने और उठाने की प्रक्रिया तक ” बैठने बैठाने को लेकर मनुहार जारी रहेगी ।
अगर गोपाल मालवीय फार्म ऊपरी दबाव से उठाते है तो यह कांग्रेस के लिये ‘ सौभाग्य ‘ होगा और नहीं उठाते है तो भाजपा के लिये ‘ अहो भाग्य ‘ होगा। फिलहाल मांडलगढ़ में चुनावी माहोल रोचक हो गया है तथा संभावना और दबी जुबां पर ऐसी चर्चाये चल रही है कि कांग्रेस की तरह भाजपा में भी इसी तरह टिकट को लेकर … कोई अंदर ही अंदर नाराज होगा तो उसका फायदा भी मालवीय की तरफ जाता दिखाईदे सकता है।
अपने राम …ने पहले ही संदेश दिया कि कारसेवा से किसको मिलेगा मेवा … यह सार्थक लगता दिखाई दे रहा है ? सवाल मतो का नहीं है लेकिन विधानसभा क्षैत्र के मतदाताओ और आमजन में यह संदेश कांग्रेस की एकजुटता के दिखावे पर असर जरूर डालता दिखाई देगा ?
इसका सार्थक परिणाम क्या होगा और क्या रहेगा तथा किस बडे नेता की रणनीति का बल्ब फ्यूज होगा यह 4–5 दिनो में हल्का हल्का दिखाई देने लगेगा। फिलहाल ” मामला गडबड नजर आ रहा है और समय रहते इस गडबडी का इलाज आला नेता दवाई से ठीक करेगें या सर्जरी से .. इस पर सभी की निगाहें रहेगी … आगे इस बिमारी का इलाज मुमकिन होगा या नहीं होगा … यह आलाकमान ही जाने .. या फिर .राम ही जाने ?? 🤷♀ 🤷🏼♂




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