नवरात्रि में हवन का विशेष महत्व होता है। विशेष तौर पर महानवमी के दिन मां दुर्गा के लिए हवन किया जाता है। …

मशरक(सारण): चैत्र नवरात्रि का नवां दिन मां सिद्धिदात्री मंदिर पर विधिवत नव दिनों तक चले पूजा अर्चना के बाद हवन करने के बाद माता की आरती की गई। उसके बाद कन्या पूजन के बाद नव माता रूपी कन्याओं को भोजन कराया गया। मां दुर्गा की आराधना को समर्पित नवरात्रि में हवन का विशेष महत्व होता है। विशेष तौर पर महानवमी के दिन मां दुर्गा के लिए हवन किया जाता है। इससे शुभता में वृद्धि होने के साथ घर और आसपास में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वातावरण में शुद्धता की मात्रा बढ़ती है। हवन सामग्री में जो औषधीय सामग्री उपयोग किए जाते हैं, उनकी आहुति देने से वातावरण स्वच्छ होता है। इस कारण से अक्सर पूजा अनुष्ठान में हवन करने का विधान है। यह एक वैदिक कर्मकांड है। देश में कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन है। ऐसे में पंडित पप्पू उपाध्याय ने पूजा में सम्मिलित यजमान राम कुमार रस्तोगी तथा उपस्थित भक्त शिक्षक श्री राम प्रसाद,व्यवसायी त्रिलोकी रस्तोगी, दीपक सोनी, आकाश आदि भक्तों से आग्रह किया कि पूजा में सोशल डिस्टेन्स बना कर पुजा अर्चना करें।

महानवमी की पूजा-अर्चना के बाद हवन कुंड को पूजा स्थल पर ही एक स्थान पर स्थापित कर हवन में आहुति दी गई तथा हवन मंत्रों के साथ शुरू की गई जिसमें निम्न मंत्रों को शुद्ध घी के साथ आहुति दी गई।

  • ओम आग्नेय नम: स्वाहा
  • ओम गणेशाय नम: स्वाहा
  • ओम गौरियाय नम: स्वाहा
  • ओम नवग्रहाय नम: स्वाहा
  • ओम दुर्गाय नम: स्वाहा
  • ओम महाकालिकाय नम: स्वाहा
  • ओम हनुमते नम: स्वाहा
  • ओम भैरवाय नम: स्वाहा
  • ओम कुल देवताय नम: स्वाहा

अंत में मां दुर्गा को दक्षिणा स्वरूप रुपए अर्पित कर और मां दुर्गा की आरती हुई। मां सिद्धिदात्री मंदिर में प्रतिदिन और नियमित समय पर सुबह और शाम में आरती होती है। जिससे वहां भक्तिमय माहौल बना रहता है।नव माता रूपी कन्याओं तथा एक भैरव बाबा के पूजन के बाद भोजन कराया गया। जिसमें मुख्य रूप से मंदिर के आचार्य पप्पू उपाध्याय, पुजारी उपेन्द्र तिवारी, यजमान रामकुमार रस्तोगी तथा भक्त गण में शिक्षक श्री राम प्रसाद,व्यवसायी त्रिलोकी रस्तोगी, दीपक सोनी, आकाश आदि उपस्थित थे। भक्तों ने मां से अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कर पूजा में हुई कमी या त्रुटियों के लिए क्षमा मांग कर अपनी पूजा संपन्न की।