छपरा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग राम सुरत कुमार, मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार की अध्यक्षता में सारण समाहरणालय, सभागार में सारण प्रमंडलीय आयुक्त, श्रीमती पुनम एवं प्रमंडल के तीनों जिलों के जिलाधिकारी, अपर समाहर्त्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, डीसीएलआर एवं सभी अंचलाधिकारियों के साथ विशेष सर्वेक्षण एवं भू अभिलेखों के अद्यतीकरण, ऑन-लाईन दाखिल खारिज, जमाबंदी, भू अधिग्रहण, भू लगान, ऑन लाईन एलपीसी सहित अभियान बसेरा, सरजमीनी सेवाऐं, लोक भूमि अतिक्रमण संबंधी मामलों की समीक्षा की गयी। इस अवसर पर विभागीय अपर मुख्य सचिव, विवेक कुमार सिंह, निदेशक, भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, जय सिंह, सदस्य, भू दान जांच समिति, विनोद कुमार झा सहित विभाग से आये संयुक्त सचिव स्तर के पदाधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा के क्रम में मंत्री ने कहा कि यहॉं पर लोगों की मूल सम्पति उनकी जमीन है और जमीन से जुड़ी हुई समस्याऐं भी हैं। प्रमंडल स्तर पर बैठक करने का हमारा मुख्य उद्देश्य जमीन से जुड़ी हुई समस्याओं का हल निकलवाना है। उन्होनों कहा कि हमार परम दायित्व है कि भूमि विवाद के मामलों का निदान किया जाय। ऐसा करने से 50 से 60 प्रतिशत समस्याओं का अंत स्वमेव हो जायेगा। माननीय मंत्री ने कहा कि दाखिल खारिज के मामलों को लंबित नही रखा जाय तथा आरटीपीएस के तहत प्राप्त आवेदनों का समय रहते निष्पादन कर दिया जाय। उन्होनों कहा कि किसी भी मामलें में सहीकायत नही मिलनी चाहिए। हल्का कर्मचारी भी काफी निड़र हो चुके हैं। मंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी एक बार हल्का कर्मचारियों के साथ भी बैठक कर लें। उन्होने कहा कि हर राजस्व ग्राम का दो-दो नक्षा अंचल में हमेशा उपलब्ध रखा जाय और जब भी अमीन मापी के लिए जाये तो नक्शा के साथ ले जाये। नक्षा के अभाव में प्रभावशाली व्यक्ति मापी को प्रभावी कराते हैं। सभी अंचलाधिकारियों को अपना मोबाईल ऑन मूड में रखने का निर्देश दिया गया तथा सभी डीसीएलआर को नियमित रूप से अंचलों का भ्रमण करने का निर्देश दिया गया तथा खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलाधिकारियों से स्पष्टीकरण करने की बात कही गयी। मंत्री ने कहा कि गरीब के साथ न्याय करें। उसकी संपति जमीन है जिसे कोई हड़पने नही पाये। मंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ष जनवरी माह में मकर संक्रान्ति के बाद अच्छा कार्य करने वाले राज्य के तीन-तीन एडीएम, डीसीएलआर, अंचलाधिकारी तथा हल्का कर्मचारी को नगद राशि और प्रशस्ति पत्र दे कर सम्मानित किया जायेगा। विभागीय अपर मुख्य सचिव, विवेक कुमार सिंह ने कहा कि जमाबंदी के अभिलेखों को ऑन-लाईन कर दिया गया है। जहॉं का जमाबंदी अभिलेख नही है या उसमें गड़बड़ी है अथवा डेटा टेम्परिंग की षिकायत है इसकी जाँच करा ली जाये और इसमें दोषी पाये जाने वाले के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कड़ी कार्रवाई की जाये। प्रमंडल के सभी अपर समाहर्त्ता को निर्देश दिया गया कि अंचलों में चल रही समानांतर व्यवस्था की जांच कर कार्रवाई करें और इसे दूर करायें। उन्होने कहा कि मुख्यालय स्तर पर प्रत्येक सप्ताह पदाधिकारियों के परफारमेंस की समीक्षा की जा रही है इसलिए पदाधिकारी अपने कार्यो पर फोकस करें।