बेतिया – राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन।

न्यूज इनपुट विजय कुमार शर्मा प.च बिहार :–
बेतिया:- स्थानीय व्यवहार न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।जिसका उदघाटन पटना हाई कोर्ट के वरीय न्यायाधीश सह राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति डा. रविरंजन ने किया। उन्होंने कहा कि नेशनल लोक अदालत न्याय पर्व है। लोक अदालत के माध्यम से लागो को त्वरित, सस्ता व सूलभ न्याय मिलता है। न्याय को पाना सबसे बड़ा अधिकार है। हमारे देश में त्रिस्तरीय न्यायिक व्यवस्था है। न्यायिक प्रक्रिया काफी सरल है लेकिन वह लंबी है। जितने मुकदमें का निष्पादन किया जाता है उससे कई गुणा ज्यादा मुकदमें न्यायालय में दाखिल होते है। मुकदमों का बोझ कम करने में लोक अदालत की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हेै।
इस मौके पर विशिष्ठ अतिथि के रुप में उपस्थित प.चंपारण जिले के निरीक्षी न्यायाधीश न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह ने कहा कि यह एतिहासिक क्षण है कि पुरे राज्य में पहली बार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष नेशनल लोक अदालत में उपस्थित हुए है। नेशनल लोक अदालत के सफलता में अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें इसमें सहयोग करना चाहिए। जिलाधिकारी डा. निलेश रामचंद्र देवरे ने अपने संबोधन में कहा कि लोक अदालत में बातचीत एवं आपसी सहमति से सुगमता से मामले को समाप्त किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस अवधारणा की शुरुआत 1917 में महात्मा गांधी
ने चंपारण से किया था। उन्होंने दस हजार लोगो का बयान लेकर उनकी सहमति से आंदोलन की शुरुआत की थी।
न्याय व्यवस्था में अधिवक्ताओं का काफी महत्वपूर्ण योगदान एवं सहयोग रहता है। 15 हजार निलाम पत्र वाद जिले में लंबित है।उन्होंने अधिवक्ताओं से आहवान किया कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निलामपत्र वादों को समाप्त कराने में अपनी भूमिका निभाये। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक जयंतकांत ने कहा कि अगर हम संकल्प कर ले तो हम सभी तरह के विवादों का निपटारा कर सकते है।पारा लिगल वोलेन्टियर के माध्यम से गांव गांव जाकर लोगो को जागरुक किया जा रहा है। जो सराहनीय है। मौके पर जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष मदन मोहन मिश्रा ने कहा कि संघ लोक अदालत को सफल बनाने शुरु से ही ंसहयोग करता रहा है। लोक अदालत में लोगो को सस्ता व सुलभ न्याय मिलता है। उदघाटन समारोह का संचालन अधिवक्ता रमेश चंद्र पाठक ने किया।